
पीपाड़सिटी (जोधपुर). शहरी क्षेत्र में गुरुवार को एक बड़ा रेल हादसा ग्रामीण की जागरूकता से टल गया। जोधपुर मंडल के पीपाडऱोड से पीपाड़सिटी के बीच चलने वाली एकमात्र ट्रेन बिलाड़ा पैसेंजर चलती है। लेकिन गत सालों से बिलाड़ा से आगे विस्तार नहीं होने के कारण प्रशासनिक कारणों से इस रेलवे खंड की नियमित मरम्मत कार्य नहीं होने से रेलवे ट्रैक कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता हैं। इस ट्रैक पर एक मात्र जोधपुर-बिलाड़ा यात्री रेल चलती हैं।
जवासिया गांव का युवा रामकिशोर मुंडेल गुरुवार को ट्रैक के पास से गुजर रहा था तभी उसकी नजर फै्रक्चर ट्रेक पर पड़ी। हालांकि गुरुवार सुबह ही बिलाड़ा-जोधपुर रेल गुजरी थी। खंभा नंबर ग्यारह व बारह के बीच पीपाड़ सिटी रेलवे स्टेशन से पहले जोजरी नदी पर बने पुल पर दोनों पटरियों के बीच सपोर्टिंग रेल पटरी के बीच लगी चक रेल का जोईन्ट खुला हुआ फै्रक्चर दिखा। तो उसने क्षेत्र के लोको पायलट राजेन्द्रसिंह सैल को मोबाइल पर इसकी जानकारी दी।
लोको पायलट सैल ने इसकी सूचना मंडल रेल संरक्षा से जुड़े अधिकारियों को दी। इसके बाद पीपाडऱोड रेलवे जंक्शन से श्रमिकों को भेज कर ट्रेक को दुरस्त कराया गया। इस कारण समय रहते किसी हादसे से बचाव हो सका।