
जोधपुर.
राजस्थान के रण में पुराने अनुभवी लोगों को जोडऩे के साथ युवाओं को भी दोनों ही प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी है। दोनों ही दल जिसे युद्ध का हरावल दस्ता कहते हैं ऐसे युवा मोर्चा या यूथ कांग्रेस को माइक्रो लेवल पर काम करने के लिए टारगेट दिए गए हैं। प्रत्येक बूथ के ऐसे मतदाता जो कि पहली बार वोट देने वाले हैं उनको चिह्नित कर टारगेट करने की कोशिश की जा रही है।
भाजयुमो का प्लान
भारतीय जनता युवा मोर्चा को राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने टारगेट दिए हैं कि वह प्रत्येक बूथ की सूचियां जांचें और वहां इस बार पहली बार वोट करने वाले मतदाताओं को पहचाने। इसके बाद प्रत्येक विधानसभा स्तर पर इनका एक सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां बताई जाएगी। इस प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश की हर विधानसभा क्षेत्र में होंगे। प्रत्येक विधानसभावार इसके लिए प्रभारी और सह प्रभारी भी बनाए गए हैं।
यूथ कांग्रेस का प्लान
युवा कांगे्रस के करीब पांच कार्यकर्ताओं को बूथ समिति में शामिल करने की योजना है। यह भी पहली बार वोट करने वाले मतदाताओं को पहचानें और उन्हें कांग्रेस की रीति-नीति से अवगत करवाएंगे। साथ ही राष्ट्रीय नेतृत्व ने एक मूल मंत्र भी दिया है इसमें यह स्पष्ट करेंगे कि 18 साल में वोट देने का अधिकार इनको पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने दिलवाया था। साथ ही कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास पर फोकस रहेगा।
3 लाख से अधिक लोग हैं टारगेट में
हर पांच साल में नए मततदाताओं लाखों की संख्या में जुड़ते हैं। जोधपुर जिले की 10 विधानसभा सीटों पर इस बार भी 3 लाख 36 हजार मतदाता जुड़ चुके हैं। इन्हीं नव मतदाताओं को टारगेट करने के लिए यूथ ब्रिगेड को टारगेट दिए गए हैं।
इनका कहना...
हमें निर्देश मिले हैं कि नव मतदाताओं का सम्मान करना है। इसके लिए हम तैयारी कर रहे हैं। प्रभारी भी बना दिए हैं।
- महेन्द्र तंवर, शहर जिलाध्यक्ष, भाजयुमो जोधपुर।
एक बूथ में करीब 5 युवा कार्यकर्ता होंगे। हमारी टीम नए जुड़े लोगों से सम्पर्क कर उन्हें निर्वाचन अधिकार दिलाने की कहानी बताएगी।
- हरीश जोशी, शहर जिलाध्यक्ष, युवा कांग्रेस जोधपुर।