
जोधपुर. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में प्राकृतिक चिकित्सा और योग विज्ञान (बीएनवाईएस) चतुर्थ वर्ष के हॉस्पिटल मैनेजमेंट विषय में पहले की गई मार्किंग में गड़बड़ी के कारण करीब 85% विद्यार्थी फेल हो गए। जानकारी के अनुसार फेल होने वाले विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से इसकी शिकायत की तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच करवाई। इसके बाद परिणाम अपडेट किया गया, जिसमें अब आधे से अधिक विद्यार्थी पास हो गए हैं। विवि. प्रशासन की ये गड़बड़ी परीक्षा व्यवस्था व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि पहली बार मूल्यांकन में काफी सख्त मार्किंग हुई थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी फेल हो गए थे। प्रदेश के 15 कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध है। इनमें सभी के विद्यार्थियों को इस गड़बड़ी से परेशानी हुई। हॉस्पिटल मैनेजमेंट विषय के परिणाम को लेकर विद्यार्थियों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय ने दोबारा जांच का निर्णय लिया था।
खास बात यह रही कि इसमें केवल रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की ही नहीं, बल्कि आवेदन नहीं करने वाले विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं की भी जांच करवाई गई। दोबारा जांच के बाद विश्वविद्यालय ने परिणाम अपडेट कर दिया। इससे पहले जहां करीब 85 प्रतिशत विद्यार्थी फेल हुए थे, वहीं संशोधित परिणाम में आधे से अधिक विद्यार्थी पास हो गए हैं।
हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया को लेकर विद्यार्थियों ने पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब विश्वविद्यालय ने सभी विद्यार्थियों की कॉपियां दोबारा जांचीं, तो इसकी आधिकारिक जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई। मामले में रिवैल्यूएशन के लिए शुल्क जमा कराने वाले विद्यार्थियों ने भी प्रक्रिया स्पष्ट करने और फीस वापसी पर निर्णय लेने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
हॉस्पिटल मैनेजमेंट विषय की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में तकनीकी खामी थी। हमनें सभी विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच करवाई है और परिणाम भी अपडेट कर दिया है।
- डॉ. राजाराम अग्रवाल, परीक्षा नियंत्रक, आयुर्वेद विवि जोधपुर