राजस्थान के जोधपुर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इस प्रक्रिया में करीब 2 लाख 3 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। जिले में अब कुल 20,97,971 मतदाता दर्ज हैं, जिनमें पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।
Jodhpur News: राजस्थान के जोधपुर जिले में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इस प्रक्रिया के बाद जिले में करीब 2 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हट गए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार अब जिले में कुल 20 लाख 97 हजार 971 मतदाता दर्ज हैं। जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने बताया कि दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची प्रकाशित की गई। SIR से पहले जिले की आठ विधानसभा क्षेत्रों में कुल 23 लाख 1 हजार 52 मतदाता थे।
जांच और सत्यापन के बाद पहले यह संख्या घटकर 20 लाख 43 हजार 521 रह गई थी। इसके बाद 52 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निस्तारण के बाद अंतिम संख्या 20,97,971 तय हुई।
विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से देखा जाए तो सबसे ज्यादा नाम सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र से हटाए गए हैं। यहां 51 हजार 71 मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए। यह क्षेत्र पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का निर्वाचन क्षेत्र है।
इसके अलावा सूरसागर से 43,554, लूणी से 39,453 और जोधपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से 29,866 मतदाताओं के नाम हटाए गए। वहीं सबसे कम नाम ओसियां विधानसभा क्षेत्र से हटे, जहां 7,512 मतदाता कम हुए।
नई सूची के अनुसार जिले में कुल 10 लाख 92 हजार 841 पुरुष, 10 लाख 5 हजार 97 महिला और 33 ट्रांसजेंडर मतदाता दर्ज हैं। विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या के लिहाज से लूणी विधानसभा में सबसे ज्यादा मतदाता हैं। यहां पुरुष मतदाताओं की संख्या 1 लाख 69 हजार 197 और महिला मतदाताओं की संख्या 1 लाख 52 हजार 394 है।
वहीं जोधपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम मतदाता दर्ज किए गए हैं, जहां 83 हजार 664 पुरुष और 81 हजार 193 महिला मतदाता हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची से हट गया है, वे निराश न हों। अंतिम सूची जारी होने के 15 दिन के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपील की जा सकती है। यदि जिला मजिस्ट्रेट के निर्णय से संतुष्टि नहीं होती, तो 30 दिन के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान के पास दूसरी अपील करने का प्रावधान भी है।
प्रशासन का कहना है कि अपील प्रक्रिया और नए मतदाताओं के पंजीकरण के चलते भविष्य में मतदाताओं की संख्या में फिर वृद्धि संभव है। इस तरह SIR के बाद तैयार की गई अंतिम सूची को फिलहाल आधिकारिक माना जाएगा, लेकिन सुधार की प्रक्रिया अभी भी जारी रहेगी।