
जोधपुर। कांग्रेस ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित 33 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। कांग्रेस ने एक बार फिर लूणी विधानसभा सीट से एक बार फिर महेंद्र विश्नोई पर भरोसा जताया है। दरअसल लूणी विधानसभा सीट परंपरागत कांग्रेस व विश्नोई की सीट मानी जाती है। पिछले चुनाव में भी कांग्रेसी उम्मीदवार महेंद्र विश्नोई ने यहां से जीत दर्ज की थी। महेंद्र विश्नोई के पिता मलखान विश्नोई भी लूणी से विधायक रह चुके हैं। राजस्थान के बहुचर्चित भंवरी हत्याकांड में नाम आने के चलते उन्हें सजा हो गई थी। महेंद्र विश्नोई के दादा पूर्व मंत्री स्व. राम सिंह विश्नोई हैं।
लूणी विधानसभा सीट पर 1972 के बाद से ही विश्नोई परिवार का दबदबा रहा है। रामसिंह विश्नोई यहां से 7 बार चुनाव जीत चुके हैं। इसके बाद उनके बेटे मलखान सिंह विधायक बने और उसके बाद पोते महेंद्र सिंह ने इस सीट पर अपना कब्जा जमाया। 2018 के चुनाव में कांग्रेस के महेंद्र विश्नोई को 84979 और भाजपा के जोगाराम पटेल को 75822 वोट मिले। आपको बता दें कि लूणी विधानसभा क्षेत्र में तीन लाख से ज्यादा वोट हैं। यहां सबसे ज्यादा जाट मतदाता है, जिनकी संख्या 57 हजार से ज्यादा बताई जा रही है। वहीं पटेल 48 हजार और विश्नोई तीस से 35 हजार हैं। हालांकि इस सीट पर जाट मतदाता ज्यादा होने के बावजूद यहां विश्नोई उम्मीदवार का दबदबा रहा है। यहां एससी-एसटी, माली, प्रजापत, राजपूत, राजपुरोहित, मूल ओबीसी, स्वर्णकार, गोस्वामी, गुर्जर जाति के मतदाता हैं। लूणी विधानसभा क्षेत्र में लूणी की इस विधानसभा सीट पर पिछले कुछ चुनाव से एक बार बीजेपी तो एक बार कांग्रेस को जीत हासिल होती है। खासतौर से बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों की ओर से किसी जाट को टिकट नहीं दिया जाता है।
बता दें कि राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 25 नवंबर को कराए जाने हैं और वोटों की गिनती तीन दिसंबर को होगी। निर्वाचन आयोग ने मिजोरम, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और तेलंगाना के साथ राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए कार्यक्रमों की घोषणा पहले ही कर दी है। राजस्थान के लिए चुनाव अधिसूचना 30 अक्टूबर को जारी की जाएगी। नामांकन छह नवंबर तक भरे जा सकेंगे। अगले दिन नामांकन पत्रों की जांच होगी और नौ नवंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।