
जोधपुर. प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण निगम कंपनियों की ओर से विद्युत दरें बढ़ाना प्रस्तावित किया गया है। वर्तमान दरों से 11 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। लेकिन इस पर निर्णय लेने के लिए राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग की ओर से आपत्ति व सुनवाई करने का निर्णय किया गया है। हर बार दरें बढ़ाने से पहले जयपुर में ही दो दिन तक आपत्तियां पर सुनवाई होती थी। लेकिन इस बार प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर सुनवाई करने का निर्णय किया है। जोधपुर व अजमेर में एक-एक दिन सुनवाई के साथ जयपुर में इस बार तीन दिन की सुनवाई होगी।
जोधपुर के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स में आयोग ने सुनवाई की। आयोग अध्यक्ष श्रीमत पांडे, न्यायिक सदस्य पृथ्वीराज और सदस्य एस.सी दिनकर ने सुनवाई की। इस दौरान सचिव बी.के डोशी, तकनीकी निदेशक तरूण माथुर, हिमांशु खुराना भी मौजूद रहे। यहां 38 लोगों की आपत्तियां लिस्टेड थी। जिनमें से 20 से अधिक लोग व्यक्तिगत रूप से आपत्ति करने पहुंचे। यहां अधिकांश लोगों ने दरें बढ़ाने का विरोध किया। इस मौके पर डिस्कॉम के एम.डी अविनाश सिंघवी ने कहा कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं की संतुष्टि, एफआरटी का उपयोग करने किया जा रहा है। इस मौके पर जोधपुर डिस्कॉम के निदेशक तकनीकी के.पी वर्मा, निदेशक वित कीर्ति कच्छवाहा, सचिव (प्रशासन) मुकेश चौधरी, सम्भागीय मुख्य अभियंता गोपाराम सीरवी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता हवासिंह, एम.एल मेघवाल, एम.आर मेेघवाल, यू.एस चौहान उपस्थित थे।
इन्होंने रखी जनसुनवाई
आयोग की जनसुनवाई में जनजागरण समिति के चन्द्रशेखर प्रजापत, परमसंत मस्ताना बिलुचिस्तानी चेरिटेबल अस्पताल के रोहिताश रामधारी, प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू, वल्र्ड रिन्यूवल ट्रस्ट, जैन श्वेताम्बर नाकोड़ा तीर्थ, उपभोक्ता मार्गदर्श समिति के अध्यक्ष लियाकत अली, वाई.के बोलिया, ब्रास्क रिसर्च फाउण्डेशन, राजस्थान स्टेनलेस स्टील री रोलर्स एसोसिएशन, पूर्व राजसिको चेयरमैन सुनील परिहार, डी.के व्यास, बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति हनुमानगढ़ के प्रतिनिधियों ने सुझाव रखे।