जोधपुर

Rajasthan : श्मशान में अंतिम संस्कार को लेकर 2 पक्ष आमने-सामने, सड़क पर शव रखकर हो रहा भजन-कीर्तन, पुलिस बल तैनात

Rajasthan : जोधपुर में सूरसागर थाना क्षेत्र के कबीर नगर में मंगलवार रात श्मशान में अंतिम संस्कार को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देर रात तक समझाइश का दौर जारी रहा और एहतियातन मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
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Jodhpur : शव सड़क पर रख कर भजन कीर्तन करते लोग। फोटो पत्रिका

Rajasthan : जोधपुर. सूरसागर थाना क्षेत्र के कबीर नगर में मंगलवार रात श्मशान में अंतिम संस्कार को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक समाज के व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोगों को श्मशान में प्रवेश नहीं मिलने पर उन्होंने शव को सड़क पर रख दिया और वहीं भजन-कीर्तन शुरू कर दिया। विवाद की सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया। देर रात तक समझाइश का दौर जारी रहा और एहतियातन मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

दरअसल, कबीर नगर निवासी गोपुलाल (55 वर्ष) पुत्र चेना राम की मंगलवार को अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिजन और समाज के लोग अंतिम संस्कार के लिए शव को वाल्मीकि मोक्षधाम, राजबाग सूरसागर जोधपुर लेकर पहुंचे। वहां श्मशान के मुख्य द्वार पर ताला लगा मिला। इसको लेकर लोग आक्रोशित हो गए और शव को सड़क पर रखकर बैठ गए।

सड़क पर शव रखकर भजन-कीर्तन

श्मशान में प्रवेश नहीं मिलने से नाराज लोगों ने सड़क पर शव रखकर भजन-कीर्तन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष सड़क पर बैठ गए। उनका कहना था कि वे लंबे समय से इसी स्थान पर अपने समाज के लोगों का अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं और पहले भी यहां अंतिम संस्कार होते रहे हैं। लोगों के अनुसार, दो दिन पहले भी इसी समाज के एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार इसी श्मशान में किया गया था। बताया जा रहा है कि यह श्मशान करीब 80 वर्ष पुराना है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2001 में इसे एक समाज के नाम से आवंटित किया गया था। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच अधिकार और उपयोग को लेकर विवाद की स्थिति बनी है।

Jodhpur : दूसरा पक्ष श्मशान के गेट पर बैठा। फोटो पत्रिका

दूसरा पक्ष भी मुख्य द्वार पर बैठा

विवाद के दौरान दूसरे समाज के लोग भी श्मशान के मुख्य द्वार के बाहर एकत्र हो गए। बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से दोनों पक्षों के बीच तनातनी की स्थिति बन गई। दूसरे पक्ष का कहना था कि वे किसी भी हिंदू समाज के व्यक्ति को अंतिम संस्कार से नहीं रोकते, लेकिन श्मशान के उपयोग को लेकर निर्धारित नियमों का पालन किया जाना चाहिए। उनका दावा है कि संबंधित श्मशान करीब 25 वर्षों से उनके समाज को आवंटित है। ऐसे में बिना अनुमति वहां अंतिम संस्कार करने का प्रयास किया जा रहा था। दोनों पक्ष अपने-अपने दावे पर अड़े रहे।

देर रात तक बनी रही तनाव की स्थिति

विवाद बढ़ने की सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पश्चिम प्रवीण सेन, प्रतापनगर एसीपी नताशा जाखड़, एडीसीपी रविन्द्र बोथरा और थानाधिकारी हरीशचन्द्र सहित पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत की। अधिकारियों ने समझाइश करने का प्रयास किया। देर रात तक दोनों पक्षों से बातचीत जारी रही। इधर, श्मशान को लेकर उपजे विवाद के कारण देर रात तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों की बात सुनी और विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया।

Updated on:
29 Sept 2026 10:18 pm
Published on:
29 Sept 2026 10:13 pm