
जोधपुर। शहर का प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र टाउन ह़ॉल जोधपुर विकास प्राधिकरण को सुपुर्द करने का आदेश मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हस्तक्षेप के बाद कला व संस्कृति विभाग को चौबीस घंटे के भीतर ही वापस लेना पड़ गया। विभाग ने डेढ़ साल पहले पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के वक्त हुए फैसले की अनुपालना में टाउन हॉल जेडीए को हस्तांतरित करने का आदेश जारी किया था। जोधपुर के रंगकर्मियों ने इस पर नाराजगी जताते हुए मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचाया तो विभाग को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा ने विभाग की उप सचिव बिन्दु करुणाकर की ओर से जारी आदेश तुरंत प्रभाव से वापस लेते हुए टाउन हॉल फिर राजस्थान संगीत नाटक अकादमी को सौंप दिया।
टाउन हॉल की मरम्मत को लेकर राज्य सरकार व अकादमी के बीच लम्बे समय से खींचतान चल रही थी। अकादमी बजट के अभाव में मरम्मत नहीं करवा पा रही थी और सरकार बजट नहीं दे रही थी। राजस्थान उ"ा न्यायालय ने स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को टाउन हॉल की मरम्मत करवाने के आदेश दिए। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 25 जून 2018 को हुई कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के उ‘चाधिकारियों की बैठक में टाउन हॉल की मरम्मत के लिए साढ़े चार करोड़ रुपए मंजूर तो कर दिए, साथ ही टाउन हॉल जेडीए को स्थाई रूप से हस्तांतरित करने का निर्णय भी कर लिया।
डेढ़ साल बाद जारी हुआ आदेश
टाउन हॉल जेडीए को हस्तांतरित करने का आदेश डेढ़ साल तक अटका रहा। फिर अचानक विभाग ने शुक्रवार को चार शर्तों के साथ टाउन हॉल जेडीए को देने का आदेश जारी कर दिया। इसकी भनक स्थानीय कला प्रेमियों को लगी तो बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाई गई। कुछ घंटे बाद ही विभाग ने आदेश वापस ले लिया।
हाईकोर्ट लगा चुका फटकार
मरम्मत के लिए राशि मंजूर करने के साथ ही संबंधित कामों की डीपीआर भी हाईकोर्ट में पेश की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे अपूर्ण बताते हुए अफसरों को फटकार भी लगाई थी। कोर्ट ने कमेटी बनाकर यहां होने वाले विकास कार्यों की एक रिपोर्ट भी तलब कर रखी है। माना जा रहा है कि इससे बचाव के तरीके के रूप में अफसरों ने टाउन हॉल हस्तांतरण का फैसला कर लिया।
रंगकर्मियों ने जताई खुशी
टाउन हॉल हस्तांतरण का आदेश वापस लेने के फैसले पर रंगकर्मियों ने खुशी जाहिर की है। अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रमेश बोराणा ने कहाकि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने दायित्वों से बचने के लिए हस्तांतरण का फैसला किया था। इस संबंध में गुरुवार को आदेश जारी होने की भनक लगते ही मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया। गहलोत के प्रति आभार जताते हुए बोराणा ने कहा कि कलाकारों व संस्कृतिप्रेमियों की भावना का सम्मान करते हुए आदेश वापस लेना स्वागतयोग्य कदम है।