जोधपुर

काजरी के सामने बहुमंजिला इमारत मामले में जवाब पेश करने को कोर्ट ने दिया अंतिम मौका

राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्रीय रुक्ष क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) के सामने स्थित एक बहुमंजिला इमारत में अनुमति से पांच फ्लोर ज्यादा निर्मित करने के मामले में राज्य सरकार और जोधपुर विकास प्राधिकरण को जवाब दाखिल करने के लिए दस दिन का अंतिम मौका दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि इस अवधि में जवाब पेश नहीं किया तो प्रतिवादी यह अवसर खो देंगे।
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rajasthan highcourt hearing on multi storey building in jodhpur
काजरी के सामने बहुमंजिला इमारत मामले में जवाब पेश करने को कोर्ट ने दिया अंतिम मौका

जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्रीय रुक्ष क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) के सामने स्थित एक बहुमंजिला इमारत में अनुमति से पांच फ्लोर ज्यादा निर्मित करने के मामले में राज्य सरकार और जोधपुर विकास प्राधिकरण को जवाब दाखिल करने के लिए दस दिन का अंतिम मौका दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि इस अवधि में जवाब पेश नहीं किया तो प्रतिवादी यह अवसर खो देंगे।

वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा और न्यायाधीश मनोजकुमार गर्ग की खंडपीठ ने रविंद्र शर्मा की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार व जेडीए के अधिवक्ता को कहा कि पिछली सुनवाई पर भी जवाब पेश करने का अंतिम अवसर दिया गया था, इसके बावजूद किसी ने जवाब दाखिल नहीं किया। खंडपीठ ने न्याय हित में एक और अंतिम अवसर देते हुए सुनवाई 29 जनवरी को मुकर्रर की है।

याचिका में बताया गया है कि काजरी के पास उम्मेद हाइट्स के नाम से बहुमंजिला इमारत के लिए रीको ने आठ फ्लोर की अनुमति दी थी। लेकिन निर्माता ने अनुमति से पांच फ्लोर ज्यादा निर्मित कर दिए। निर्माण के लिए आठ फ्लोर यानि 30 मीटर ऊंचाई तक ही अनुमति दी गई थी, लेकिन मौके पर 13 फ्लोर यानि 42.84 मीटर तक अवैध रूप से निर्माण करवा दिया। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार व रीको से जवाब तलब किया था और मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे।

इस बीच रीको ने प्रतिवादी के प्रतिवदेन का परीक्षण करने के बाद 39 फीट ऊंचाई से अधिक का निर्माण हटाने सहित बेटरमेंट लेवी व जुर्माने के तौर पर करीब 8 करोड़ रुपए जमा करवाने के आदेश दिए थे। याचिकाकर्ता का कहना है कि याचिका लंबित रहने के दौरान रीको ने 21 फरवरी, 2019 को कुछ शर्तों के साथ अवैध निर्माण का नियमन करने के आदेश जारी किए हैं, जो रीको के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।

Published on:
21 Jan 2020 02:57 pm