
अविनाश केवलिया/जोधपुर. शहर के बदहाल यातायात व्यवस्था और बड़ी बिल्डिंग्स में पार्र्किंग सहित अन्य सुविधाएं नहीं होने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने सोमवार को गहरी नाराजगी जताते हुए कई निर्देश दिए थे। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि बहुमंजिला इमारतों में पार्र्किंग सुधारने के लिए दिए गए निर्देशों के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। इस पर ‘पत्रिका’ ने मंगलवार को ऐसी सडक़ों की हकीकत देखी जो विकसित हैं लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
शहर की सबसे विकसित व चौड़ी सडक़ों में शुमार रेजीडेंसी सडक़ को कई साल पहले फोरलेन में विकसित कर दिया गया। लेकिन सडक़ के दोनों ओर कई बहुमंजिला इमारतों के बाहर खड़े वाहन नगर निगम व जिला प्रशासन की अनदेखी की ओर इशारा करते हैं। खास बात यह है कि कई व्यावसायिक इमारतों के आगे भी वाहन खड़े रहते हैं। इनमें से कई इमारतों में तो बेसमेंट या भूतल पार्र्किंग जैसी सुविधा भी है। लेकिन सडक़ों या फुटपाथ पर वाहन खड़े होने से यातायात जाम की स्थितियां बनती हैं। हाइकोर्ट ने गुलाब कोठारी के पत्र को याचिका पर भी बहुमंजिला इमारतों की मनमर्जी को लेकर कई निर्देश दिए थे। उनक भी पालना नहीं हुई।
नोटिस देकर इतिश्री
नगर निगम ने कुछ माह पहले विधानसभा जोनवार ऐसी बहुमंजिला इमारतों को नोटिस दिए थे। लेकिन इसके बाद कोई सख्ती नहीं हुई। नतीजा हालात जस के तस बने हुए हैं।
स्थान - रेजीडेंसी रोड
हालात - 15 से ज्यादा बहुमंजिला इमारतों के बाहर बदहाल पार्र्किंग
कार्रवाई - 5 माह पहले नोटिस दिए गए। लेकिन कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं हुई।