Rajasthan News: विश्वविद्यालय में 1947 से एलएलबी शुरू हुई थी। एलएलबी के 75 साल से अधिक होने के मौके पर विवि यह नवाचार करने जा रहा है।
Rajasthan News: जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से बीए-एमए करने वाले कई विद्यार्थी एलएलबी में प्रवेश लेकर वकील बन जाते थे। राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में ही होने के कारण वकालत का पेशा वकील की काबिलियत के अनुसार चल भी पड़ता है, लेकिन अब विश्वविद्यालय से एलएलबी करना आसान नहीं होगा। पहली बार विश्वविद्यालय इस साल से एलएलबी के साथ-साथ पंचवर्षीय विधि पाठ्यक्रम (बीए एलएलबी, बीबीए एलएलबी) के लिए प्रवेश परीक्षा लागू करने जा रहा है। जेएनवीयू ने इसके लिए अपनी वेबसाइट पर सूचना जारी कर दी है। 2024-25 से विवि पंचवर्षीय विधि पाठ्यक्रम (बीए एलएलबी, बीबीए एलएलबी) और तीन वर्षीय विधि पाठ्यक्रम (एलएलबी) की प्रवेश परीक्षा होगी। दोनों का एक ही प्रश्न पत्र होगा।
विधि प्रवेश परीक्षा 300 अंक की होगी, जिसमें 100 प्रश्न होंगे। प्रत्येक सही उत्तर पर तीन अंक और गलत उत्तर पर एक अंक की कटौती होगी। प्रश्न पत्र दसवीं स्तर का होगा। इसमें सामान्य हिंदी, सामान्य अंग्रेजी, सामान्य विज्ञान, सामान्य ज्ञान, तर्कशक्ति और कुछ प्रश्न विधि से संबंधित होंगे।
विवि में एलएलबी की 320 सीटें हैं। हर साल प्रवेश के लिए तकरीबन 2500 आवेदन आते हैं। अब तक स्नातक स्तर के प्राप्ताकों की मैरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाता रहा है। गत वर्ष सामान्य श्रेणी की कट ऑफ 70 प्रतिशत रही थी।
विवि में वर्तमान में पंचवर्षीय विधि पाठ्यक्रम के तहत बीए एलएलबी और बीबीए एलएलबी की 120-120 सीटें हैं। विवि ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को बीबीए के स्थान पर बीकॉम एलएलबी शुरू करने के लिए प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अभी उसे मंजूरी मिलना बाकी है।
अलग-अलग बोर्ड व विवि के मूल्यांकन को एक स्तर प्रदान करने, विधि में रुचि रखने वाले विद्यार्थी को आगे लाने और बेहतर अधिवक्ता तैयार करने के उद्देश्य से अब प्रवेश परीक्षा रखी जा रही है।