जोधपुर

Rajasthan News: राजस्थान में पति-पत्नी की सड़क हादसे में मौत, बच्चे पूछ रहे मम्मी-पापा कब आएंगे?

Rajasthan News: ओसियां- मथानिया रोड पर एक हादसे में ओसियां निवासी पति-पत्नी जितेंद्र और पायल सोनी की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों करीब सात वर्ष पहले प्रेम विवाह के बंधन में बंधे थे। उनके दो बच्चे हैं।

2 min read
Nov 27, 2025
Photo- Patrika

Rajasthan News: जोधपुर/ओसियां। पहले प्रेम किया, फिर साथ जीने-मरने की कसमें खाई और आखिरकार परिवार को मनाकर प्रेम विवाह किया। दोनों ने एक साथ इस संसार को अलविदा कह दिया। जितेंद्र और पायल का प्रेम अब सदा-सदा के लिए अमर हो गया।

ओसियां- मथानिया रोड पर एक हादसे में ओसियां निवासी पति-पत्नी जितेंद्र और पायल सोनी की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों करीब सात वर्ष पहले प्रेम विवाह के बंधन में बंधे थे। उनके दो बच्चे हैं। बड़ा तेजल 6 वर्ष का और छोटा लोकेश 2 वर्ष का। दोनों पत्नी के दोस्त की शादी में जोधपुर गए थे।

ये भी पढ़ें

Rajasthan Accident: सड़क हादसे में स्कूल जा रही शिक्षिका की दर्दनाक मौक, 2 साल पहले ही मिली थी नियुक्ति

रात्रि लगभग 2 बजे जोधपुर से ओसियां लौटते समय मथानिया के पास हादसा हुआ और दोनों की मृत्यु हो गई। मंगलवार देर रात गाजर से भरा एक ट्रक तेज गति से ओसियां की तरफ से आ रहा था। सामने रोड के पास की घनी झाड़ियों से नीलगाय के अचानक आ जाने से ट्रक अनियंत्रित हो गया।

ट्रक ने सामने से आ रही वैन को कई मीटर तक घसीटा और बाद में वैन के ऊपर पलट गया, जिससे दंपती की मौके पर ही मौत हो गई। बुधवार को दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें हर किसी की आंखें नम थीं। कस्बे में इस घटना की चर्चा पूरे दिन बनी रही।

मासूमों को नहीं पता कि अब कभी नहीं लौटेंगे मम्मी-पापा

पति-पत्नी जब जोधपुर में शादी में शामिल हुए, तभी से उनके मासूम तेजल और लोकेश घर पर उनका इंतजार कर रहे थे। बच्चे पूछ रहे हैं कि मम्मी-पापा कब आएंगे? घर के बुजुर्ग उन्हें सांत्वना दे रहे है, लेकिन मासूम यह नहीं समझ पाए कि अब उनके मम्मी-पापा कभी नहीं लौटेंगे।

जिंदगी के हर मोड़ पर साथ निभाया

जितेंद्र-पायल की प्रेम कहानी संघर्षों से भरी रही। परिवार को मनाने की जद्दोजहद, समाज की तिरछी नजरें और जिम्मेदारियों का भार दोनों ने मिलकर सब संभाला। सूरत में जितेंद्र का कपड़ों का व्यवसाय अच्छा चल रहा था।

मेहनत और लगन उनकी पहचान थी। पायल गृहिणी होते हुए भी उनके जीवन की सबसे बड़ी ताकत थी और हर फैसले में उनके साथ रही। दोनों ने बच्चों के भविष्य की योजनाएं बनाई थीं, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया।

ये भी पढ़ें

राजस्थान के इस मेगा हाईवे का 40 KM का इलाका बना एक्सीडेंट जोन, 2 साल में इतने लोगों की ले चुका है जान

Updated on:
27 Nov 2025 02:16 pm
Published on:
27 Nov 2025 02:11 pm
Also Read
View All

अगली खबर