Rajasthan News: मंत्री के बयान के बाद जोधपुर के दोनों नगर निगम के पार्षदों व अधिकारियों में बढ़ी हलचल, वर्तमान पार्षद और आने वाले समय में चुनाव की तैयारी में जुटे नेता असमंजस में
Rajasthan News: नगरीय विकास व स्वायत्त शासन मंत्री झाबरसिंह खर्रा के जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों को एक करने के बयान के बाद जोधपुर में भी पार्षदों, नेताओं और नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। जोधपुर के नगर निगम उत्तर और दक्षिण के जीते हुए पार्षद और हारे हुए सभी प्रत्याशी अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर मंथन में जुट गए हैं। आगामी निगम चुनावों की तैयारी कर रहे कई नए प्रत्याशी भी उधेड़बुन में आ गए हैं। संविधान के अनुच्छेद 243 की धारा-2 के अनुसार राज्यपाल एक लोक अधिसूचना जारी करके दोनों नगर निगम को एक कर सकते हैं। मौजूदा निगम का कार्यकाल एक वर्ष से भी अधिक बचा है। दूसरी तरफ राज्य सरकार एक राज्य एक चुनाव की भी तैयारी कर रही है। ऐसे में शीघ्र परिसीमन शुरू होने की संभावना है। ऐसे में अगर जोधपुर में एक ही नगर निगम हुआ तो नए निगम में 100 वार्ड होने की संभावना है।
दरअसल पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2020 में सुशासन का आधार बताकर जयपुर, जोधपुर व कोटा में परिसीमन करवाकर इन तीनों शहरों को दो नगर निगम में बांट दिया था। दोनों निगम में 80-80 वार्ड बनाए गए। उस चुनाव में उत्तर में कांग्रेस और दक्षिण में भाजपा का बोर्ड बना था। निगमों के विभाजन के बाद इनके अलग कार्यालय स्थापित किए गए तथा अलग-अलग अधिकारियों और कार्मिकों की भी व्यवस्था की गई। उस समय विपक्ष के रूप में बीजेपी ने इसका विरोध किया था। बीजेपी का यह आरोप था कि राज्य सरकार राजनीतिक लाभ के लिए यह विभाजन कर रही है।
जोधपुर में दो निगम बने लगभग चार वर्ष हो रहे हैं। दो निगम बनने से कार्यालय, कार्मिक की व्यवस्था अलग-अलग करनी पड़ी। पहले जोधपुर में केवल 65 वार्ड ही थे। अब 160 वार्ड हो गए। इससे निगमों में लोगों का प्रतिनिधित्व बढ़ा। वार्ड छोटे होने से लोगों की पहुंच भी पार्षदों तक अधिक हुई, लेकिन दोनों निगमों के क्षेत्राधिकार को लेकर अभी भी जनता में ऊहापोह की स्थिति बनी रहती है। इससे प्रशासनिक व्यय भी बढ़ गया।
74वें संशोधन द्वारा नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया था। अनुच्छेद 243 क्यू व आर राज्य सरकार को नगरपालिओं के गठन तथा सरंचना संबंधी अधिकार देते हैं। राज्य सरकार इनके आधार पर नगर पालिकाओं का गठन कर सकती है।