
अविनाश केवलिया/जोधपुर. जोधपुर में प्रदेश के सबसे बड़े कंवेंशन सेंटर की कवायद एक बार फिर शुरू हुई है। पहले दो बार इसकी प्रक्रिया में लोगों की रुचि नहीं देखी गई। इसके बाद जेडीए अधिकारियों की टीम देश के ऐसे शहरों में भेजी गई जहां उच्च श्रेणी के कंवेंशन सेंटर चल रहे हैं। ये टीमें जोधपुर लौट चुकी है और यहां प्रजेंटेशन बाकी है। इसके बाद नए स्वरूप में कंवेंशन सेंटर जोधपुर को मिलेगा।
जोधपुर शहर व आस-पास के क्षेत्र में रिफाइनरी, कई राष्ट्रीय स्तर के संस्थान के साथ ही हाईकोर्ट भवन शिफ्टिंग जैसे कारण कंवेंशन सेंटर स्थापित करने की रफ्तार को गति दे रहे हैं। इसका वर्तमान स्वरूप काफी बड़ा और खर्चीला है। इसी कारण लोग इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अब छोटे स्वरूप में बनाने की तैयारी है।
इन शहरों में गई टीमें
जेडीए के अधिकारी अहमदाबाद, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगुलुरू गए थे। इनमें से कुछ टीमों ने प्रजेंटेशन दे दिया है, कुछ का बाकी है।
एक नजर में कंवेंशन सेंटर प्रोजेक्ट
- 356 करोड़ है इस प्रोजेक्ट की कीमत
- पीपीपी मोड़ पर बनना है यह सेंटर।
- 25 बीघा से ज्यादा भूमि पर प्रस्तावित है।
- 2 बार पहले एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट मांगे गए।
यह था पहले प्रस्तावित
36 सौ लोगों के बैठने वाला मल्टीपर्पज हॉल, ऑडिटोरियम और पार्किंग सुविधा। हेबिटेट सेंटर, फूड कोर्ट, आर्ट गैलेरी, म्यूजियम, एग्जीबिशन स्पेस, रिटेल आउटलेट, गेमिंग रूम, कॉफ्रेंस रूम सहित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष स्पेस प्रस्तावित किया था। इसके साथ 300 कमरों की क्षमता वाला अंतर्राष्ट्रीय स्तर का होटल भी प्रस्तावित था।
अब होगा बदलाव
इस सेंटर का इतना बड़ा स्वरूप होने और जोधपुर से एयर कनेक्टिविटी लगातार कम होने से कारण कई कंपनियों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। अब इसका स्वरूप कुछ छोटा किया जाएगा। साथ ही ऐसी विशेषज्ञ कंपनियों को बुलाया जा रहा है जिन्होंने पहले कंवेंशन सेंटर बनाए हैं।
इनका कहना...
देश में अलग-अलग शहरों में टीमें गई थी। अभी दो टीमें के प्रजेंटेशन बाकी है। इसके बाद हम प्रयास करेंगे कि उन शहरों के विशेषज्ञ यहां आएं। कंवेंशन सेंटर को नए स्वरूप में पूरा करना है।
- गौरव अग्रवाल, आयुक्त, जेडीए जोधपुर