जोधपुर

NLU jodhpur में इस साल भी राजस्थानियों को नहीं मिलेगा आरक्षण, 2 साल बाद भी निर्णय पर नहीं पहुंची कमेट

एनएलयू जोधपुर की स्थापना 1999 में की गई थी। इसमें पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम बीए एलएलबी और बीएससी एलएलबी संचालित होता है। विद्यार्थियों की भारी मांग पर राज्य सरकार ने 5 मार्च 2018 को 25 फ ीसदी स्टेट कोटा को मंजूरी दी। वर्तमान में एनएलयू जोधपुर में पंचवर्षीय पाठ्यक्रम में 115 सीटें हैं।
less than 1 minute read
rajasthan students will not get reservation in jodhpur NLU
NLU jodhpur में इस साल भी राजस्थानियों को नहीं मिलेगा आरक्षण, 2 साल बाद भी निर्णय पर नहीं पहुंची कमेट

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जोधपुर में इस साल भी राजस्थानी मूल के छात्र-छात्राओं को आरक्षण नहीं मिल सकेगा। एनएलयू की एग्जीक्यूटिव काउंसिल की शनिवार को हुई बैठक में आरक्षण के लिए गठित जस्टिस मंजू गोयल कमेटी की रिपोर्ट रखी गई। कमेटी ने हाल ही में एनएलयू दिल्ली में आरक्षण लागू होने पर उसकी व्यवस्था का अवलोकन करने के लिए 1 महीने का समय और मांगा, जिसे काउंसिल ने दे दिया। अब मार्च के प्रथम सप्ताह में फिर से एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक होगी, जिसमें रिपोर्ट रखी जाएगी।

एनएलयू जोधपुर की स्थापना 1999 में की गई थी। इसमें पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम बीए एलएलबी और बीएससी एलएलबी संचालित होता है। विद्यार्थियों की भारी मांग पर राज्य सरकार ने 5 मार्च 2018 को 25 फ ीसदी स्टेट कोटा को मंजूरी दी। वर्तमान में एनएलयू जोधपुर में पंचवर्षीय पाठ्यक्रम में 115 सीटें हैं। राजस्थान सरकार द्वारा हरी झंडी मिलते ही एनएलयू जोधपुर ने दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मंजू गोयल की एक सदस्य जांच कमेटी गठित की लेकिन जस्टिस गोयल कमेटी ने करीब पौने दो साल बाद भी अपनी रिपोर्ट नहीं दी है। गौरतलब है कि देश में 23 एनएलयू है, जिसमें से 20 एनएलयू में आरक्षण लागू है। एनएलयू दिल्ली ने हाल ही में दिल्ली के विद्यार्थियों को 50 फीसदी आरक्षण दिया है।

Published on:
19 Jan 2020 12:03 pm