
जोधपुर। शेरगढ़ क्षेत्र में रामदेवरा दर्शन के लिए पैदल जा रहे पांच जातरुओं को गुरुवार देर रात भूंगरा गांव की सरहद में मेगा हाईवे पर पीछे से आई तेज रफ्तार बोलेरो कैंपर ने टक्कर मार दी। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि आगे चल रहे दो साथी बाल-बाल बच गए। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीर विशन सिंह ने अपने वाहन से तीनों घायलों को शेरगढ़ अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान नथासर (तेना) निवासी अम्बाराम पुत्र कुंभाराम, भानाराम पुत्र अनोपाराम और नरेश पुत्र चंद्राराम के रूप में हुई। हादसे में नरपत राम और उदाराम सुरक्षित बच गए। सूचना पर थाना अधिकारी खेताराम सियोल, एएसआई रूग्गाराम मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।
जानकारी के अनुसार पांचों युवक गुरुवार रात करीब 10 बजे घर से रामदेवरा दर्शन के लिए पैदल रवाना हुए थे। करीब 11.30 बजे भूंगरा गांव की सरहद में मेगा हाईवे पर सड़क किनारे पैदल चलते समय पीछे से तेज गति से आई बोलेरो कैंपर ने उन्हें चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे में जान गंवाने वाले तीनों युवक कम उम्र के थे। परिजनों के अनुसार वे अपने परिवारों के आर्थिक सहारा थे। अम्बाराम और भानाराम शादीशुदा थे, जबकि नरेश अविवाहित था और अम्बाराम का भतीजा था। तीनों की मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और मृतकों के घरों में कोहराम मच गया।
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों और समाजजनों ने सहायक उपखंड अधिकारी, शेरगढ़ को ज्ञापन सौंपकर प्रत्येक परिवार को 50-50 लाख रुपए आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने की मांग की। मांगों को लेकर परिजन और समाजजन मोर्चरी के बाहर टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। तहसीलदार और थाना अधिकारी ने समझाइश का प्रयास किया, लेकिन लोग मांगों पर अड़े रहे।
परिजनों ने हादसे की निष्पक्ष जांच, दोषी वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। देर तक बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाजजन धरने पर मौजूद रहे।