10th Board Success Story: जोधपुर के छात्र जतिन सुथार ने 10वीं बोर्ड में 99.17% अंक हासिल कर शानदार सफलता हासिल की है। कड़ी मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल कर दूसरों को प्रेरित किया है।
जोधपुर। मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य क्या कर सकते हैं, इसका शानदार उदाहरण राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं परीक्षा में सामने आया है। जोधपुर के एक निजी स्कूल के छात्र जतिन सुथार ने 99.17 प्रतिशत अंक हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे शहर का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता उन विद्यार्थियों के लिए बड़ी प्रेरणा है, जो बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।
जतिन सुथार के पिता राकेश सुथार पेशे से बिल्डर हैं, जबकि माता मोनिका सुथार गृहिणी हैं। उनकी एक छोटी बहन भव्या सुथार है, जो पांचवीं कक्षा में पढ़ती है। परिवार का कहना है कि जतिन शुरू से ही पढ़ाई में बेहद होनहार रहा है और हर कक्षा में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करता आया है।
जतिन ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और अनुशासित दिनचर्या को दिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पढ़ाई के लिए सख्त शेड्यूल बनाया था और रोजाना करीब 12 घंटे तक पढ़ाई की। इस दौरान उन्होंने मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखी और सोशल मीडिया का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया। उनका मानना है कि अगर लक्ष्य साफ हो और उस पर पूरी मेहनत की जाए, तो सफलता निश्चित मिलती है।
उनके पिता राकेश सुथार ने बताया कि जतिन ने कक्षा 1 से 9 तक हर बार 98 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे, इसलिए उन्हें पहले से ही उम्मीद थी कि वह इस बार भी शानदार प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि जतिन पढ़ाई के प्रति इतना गंभीर था कि उसने पारिवारिक शादी समारोह तक में शामिल नहीं होने का फैसला किया। उसका एकमात्र उद्देश्य 10वीं में बेहतरीन अंक हासिल करना था।
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विषयवार अंक भी जतिन की मेहनत को दर्शाते हैं। उन्होंने हिंदी में 98, इंग्लिश में 99, साइंस में 99, सोशल साइंस में 100, गणित में 100 और संस्कृत में 99 अंक प्राप्त किए हैं। जतिन का अगला लक्ष्य जेईई परीक्षा पास करना है। उनका कहना है कि हर छात्र को एक स्पष्ट लक्ष्य तय करना चाहिए और उसे हासिल करने के लिए पूरी लगन के साथ मेहनत करनी चाहिए। उनकी सफलता यह साबित करती है कि समर्पण और अनुशासन से कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता।