
जोधपुर.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जालोर जिले के आहोर में 40 हजार रुपए रिश्वत लेने पर उपखण्ड अधिकारी (एसडीओ) को रंगे हाथों पकडऩे के बाद मंगलवार को रीडर को भी गिरफ्तार किया। उसने अपने लिए अलग से रिश्वत मांगी थी। ब्यूरो ने फाइल भी जब्त की।
ब्यूरो के उप महानिरीक्षक कैलाशचन्द्र बिश्नोई ने बताया कि प्रकरण में आरएएस अधिकारी व जालोर जिले में आहोर के एसडीओ मासिंगाराम जांगिड को 40 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। इस संबंध में जांच के बाद एसडीओ के रीडर व वरिष्ठ सहायक सिरोही निवासी गजेन्द्र कुमार पुत्र गिरधारीलाल को भी गिरफ्तार किया गया।
ब्यूरो की जालोर चौकी प्रभारी व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीरसिंह राणावत ने एसडीओ मासिंगाराम व रीडर गजेन्द्र को पाली में एसीबी मामलात की विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए गए।
एसडीओ के बाद रीडर ने भी मांगी थी रिश्वत
एसीबी का कहना है कि जालोर निवासी परिवादी की बहन के ससुर का फौतगी म्युटेशन का फैसला पक्ष में कराने के लिए एसडीओ मासिंगाराम से मिलने पर 50 हजार रुपए रिश्वत मांगी गई थी। चूंकि फौतगी म्युटेशन की पत्रावली रीडर गजेन्द्र के पास थी, इसलिए परिवादी रीडर से भी मिला। तब उसने एसडीओ के अलावा अपने लिए अलग से रिश्वत मांगी थी। दोनों के रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई थी।
दो साल पहले बने थे आरएएस
बाड़मेर में चौहटन तहसील के मासिंगाराम वर्ष 2019 बैच के आरएएस अधिकारी हैं। आहोर एसडीओ पद पर उनकी पहली पोस्टिंग है। एसीबी ने बाड़मेर, आहोर में सरकारी आवास और जोधपुर में आवासीय कॉलोनी स्थित मकानों की तलाशी ली, लेकिन कोई उल्लेखनीय सम्पत्ति संबंधी साक्ष्य नहीं मिले।