जोधपुर

Rajasthan में मंडी टैक्स में यह मिली छूट, चाय की पत्ती में आएगा उबाल

व्यापारी गत एक सप्ताह से दुकानें बंद कर विरोध कर रहे थे
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May 08, 2022
Rajasthan में मंडी टैक्स में यह मिली छूट, चाय की पत्ती में आएगा उबाल
Rajasthan में मंडी टैक्स में यह मिली छूट, चाय की पत्ती में आएगा उबाल

Rajasthan में चाय पत्ती पर Mandi Tax नहीं लगेगा। प्रदेशभर में Tea Leaf पर लगाए गए मंडी शुल्क के विरोध में व्यापारियों की ओर से किया गया आंदोलन सफल हुआ। राज्य सरकार ने 7 may देर रात आदेश जारी कर चाय पत्ती पर मंडी शुल्क वसूली आदेश का स्थगित किया है।

विभाग के शासन उप सचिव नसीम खान की ओर से इस संबंध में 27 अप्रेल को जारी आदेश को अग्रिम आदेशों तक स्थगित करने की सूचना जारी की गई। चाय के थोक विक्रेता प्रसन्नचंद मेहता ने बताया कि सरकार के इस आदेश से प्रदेश के चाय पत्ती व्यापारियों को राहत मिली है। वहीं मण्डोर खाद़्य पदार्थ व्यापार संघ अध्यक्ष राजेन्द्र परिहार व सचिव धर्मेन्द्र भण्डारी ने चाय पत्ती पर मंडी शुल्क हटाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया।

बंद रही मंडी, 100 करोड़ का व्यापार प्रभावित
चाय पत्ती पर मंडी शुल्क के विरोध व मंडी प्रांगण के बाहर अधिसूचित कृषि जिंसों का बिना मंडी शुल्क के हो रहे व्यापार के विरोध में मण्डोर कृषि उपज मंडी के व्यापारियों ने 7 may को मण्डोर कृषि उपज मंडी बंद रख सांकेतिक हड़ताल की । जिससे करीब 100 करोड़ का व्यापार प्रभावित हुआ।

1.60 मंडी शुल्क व 0.50 किसान कल्याण फीस लगाई

राज्य सरकार की ओर से 27 अप्रेल को अधिसूचना जारी कर चाय पत्ती पर 1.60 पैसा मंडी शुल्क व 0.50 पैसा किसान कल्याण फीस लगाई गई । जिसका जोधपुर कृषि उपज मंडी के चाय पत्ती व्यापारी गत सात दिनों से दुकानें बंद कर विरोध कर रहे थे। व्यापारियों का तर्क था कि राजस्थान में चाय की पत्ती के बागान नहीं है और न ही यहां चाय की पैदावार होती है, इसके बावजूद भी राज्य सरकार ने चाय की पत्ती पर मंडी शुल्क व किसान कल्याण फीस का भार थोप दिया है। इससे व्यापार चौपट होगा व उपभोक्ता को महंगी चाय पत्ती मिलेगी।

2006 में भी लगाया था, 15 दिन बाद ही हटाया
इससे पूर्व, राज्य सरकार ने 25 जनवरी 2006 को चाय पत्ती पर मंडी शुल्क लगाया था। बाद में, 10 फरवरी को वापस यह आरोपित कर हटा दिया था।

Updated on:
08 May 2022 03:21 pm
Published on:
08 May 2022 03:18 pm