
जोधपुर. शिक्षा विभाग के शाला क्रीड़ा संगम गो शाला मैदान के लिए जिले के 17 ब्लॉक की स्कूलों से पैसों की वसूली हो रही है। जबकि यहां 17 ब्लॉक के स्कूलों के सभी खिलाड़ी रोजमर्रा में खेलने तक नहीं आ पाते। जिले का क्षेत्रफल इतना बड़ा है कि शहर की सार्वजनिक गो शाला में ग्रामीण लोग इसका आकर उपयोग तक नहीं उठा सकते। जबकि गो शाला मैदान में ज्यादातर सुबह विचरण करने वाले भी शहरवासी हैं। शिक्षा विभाग लूणी, पीपाड़ शहर, लोहावट, तिंवरी, सेखाला, बावड़ी, देचू, जोधपुर शहर, भोपालगढ़, फलोदी, बापिणी, शेरगढ़, मंडोर, बिलाड़ा, बाप, ओसियां व बालेसर की 600 से अधिक स्कूलों के छात्रकोष से 25 फीसदी राशि वसूल रहा है। इस कार्य को लेकर शिक्षक संगठनों में लगातार रोष जारी है।
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने शिक्षा विभाग के गो शाला को 25 प्रतिशत राशि छात्रकोष से दिए जाने के आदेश को अपास्त करने के लिए जेडीए के पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह सोलंकी से मुलाकात की। संघ ने कहा कि कार्यवाहक संयुक्त निदेशक प्रेमचंद सांखला ने तुगलकी फरमान जारी कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में पहले से ही संसाधनों की कमी है, खेल मैदान विकसित नहीं है। गौशाला मैदान के लिए ली जाने वाली राशि को स्थानीय विद्यालयों में भौतिक संसाधनों और खेल मैदान विकसित करने के लिए लगाने के आदेश करने की मांग की। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष रूपाराम रलिया, जिलाध्यक्ष रूपाराम खोजा, मंडल संयुक्त मंत्री श्यामसिंह सजाड़ा व शिक्षक नेता सुभाष विश्नोई सहित कई नेता मौजूद थे।