खबर का असर : नहीं लगना पड़ेगा एटीएम की कतारों में
भोपालगढ़/जोधपुर.
कस्बे सहित क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से अपनी ऋण राशि लेने के लिए भोपालगढ़ के कॉ-ओपरेटिव बैंक स्थित एटीएम पर आकर कतार में लगने एवं प्रचण्ड धूप में घंटों खड़े रहकर अपनी बारी आने का इंतजार करने वाले ग्रामीण किसानों के लिए राहत भरी खबर है। क्योंकि केन्द्रीय सहकारी बैंक प्रबंधन की ओर से क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों की सहकारी समितियों से जुड़े किसानों को अब एटीएम के साथ-साथ भोपालगढ़ स्थित कॉ-ओपरेटिव बैंक की स्थानीय शाखा से पर्ची भरकर सीधे ही ऋण लेने की सहूलियत दे दी है।
बैंक प्रबंधन की ओर से यह व्यवस्था राजस्थान पत्रिका में किसानों की पीड़ा से जुड़े समाचार प्रकाशन के बाद लागू की गई है। जिस पर क्षेत्र के किसानों ने राजस्थान पत्रिका का आभार जताया है।
गौरतलब है कि ग्रामीण इलाकों में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को ऋण प्रदान किया जाता है और अब तक ऋण राशि के वितरण की यह व्यवस्था थी, कि ऋण लेने वाला किसान सीधे बैंक आकर पर्ची भरकर अपने पैसे ले जा सकता था। लेकिन इस बार सहकारी बैंक ने यह व्यवस्था कर दी, कि सहकारी समितियों से जिन किसानों ने ऋण लिया है, उन्हें ऋण राशि सीधे कॉ-ओपरेटिव बैंक से नहीं दी जाकर एटीएम से निकालनी पड़ेगी। ऐसे में एटीएम से ही पैसे निकालने की बाध्यता के कारण ग्रामीण सहकारी समितियों से ऋण स्वीकृति के बाद किसानों को पैसे लेने के लिए एटीएम लेकर भोपालगढ़ स्थित कॉ-ओपरेटिव बैंक के एटीएम पर आना पड़ता था।
ऐसे में कई बार एटीएम मशीन खराब होने की वजह से उन्हें यह राशि नहीं मिल पाती। जिसकी वजह से किसानों को कई-कई दिन एटीएम ठीक होने का इंतजार करना पड़ता। तो कई बार एटीएम ठीक होने पर घंटों तक प्रचण्ड गर्मी में एटीएम के बाहर कतारों में खड़े रहकर पैसे निकालने पड़ते थे। क्योंकि तकलीफ यह भी थी, कि किसान अपने ऋण की राशि दूसरी बैंकों के एटीएम से भी नहीं निकाल सकते थे।
पत्रिका ने उजागर की पीड़ा
किसानों की इस पीड़ा को लेकर राजस्थान पत्रिका ने अपने १७ मई के अंक में 'म्हां अणपढ़ लोगां रे हाथां में एटीएम पकड़ाय नै दोरा कर दिया' शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर ग्रामीण इलाकों से सहकारी समितियों के माध्यम से मिलने वाले ऋण की राशि लेने के लिए कस्बे में स्थित एकमात्र एटीएम पर आने वाले क्षेत्र के किसानों की पीड़ा को उजागर किया था। जिसमें बताया गया कि ग्रामीण किसानों को जहां एक ओर सहकारी बैंकों के नए नियम-कायदों की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और ऋण राशि एटीएम से ही निकालने की बाध्यता से होने वाली परेशानियों का जिक्र किया था। साथ ही एटीएम के बार-बार खराब होने तथा जरुरत के समय एटीएम में पर्याप्त राशि नहीं मिलने एवं खासकर दिन भर प्रचण्ड गर्मी के इस दौर में पैसे लेने के लिए एटीएम के बाहर भूखे-प्यासे कतारों में खड़े रहने की पीड़ा को भी प्रमुखता के साथ उजागर किया था।
अब पर्ची से मिल सकेगी राशि
राजस्थान पत्रिका में इस समाचार के प्रकाशन के साथ ही केन्द्रीय सहकारी बैंक प्रबंधन हरकत में आया और उन्होंने दिन भर तेज चिलचिलाती धूप में एटीएम के बाहर कतारों में खड़े रहकर पैसे निकालने के लिए अपनी बारी आने का इंतजार करने वाले किसानों की सुविधा के लिए यह निर्णय किया कि अब किसान एटीएम के साथ ही बैंक शाखा में विड्रोल की पर्ची भरकर भी पैसे निकाल सकते हैं। इस संबंध में बैंक के स्थानीय शाखा प्रबंधक सीताराम चौधरी ने बताया कि बैंक के निर्देशानुसार सोमवार से क्षेत्र के किसानों को एटीएम के साथ-साथ विड्रोल पर्ची से भी ऋण राशि मिल सकेगी। साथ ही आगामी सप्ताह भर में क्षेत्र के सभी शेष किसानों को ऋण राशि का वितरण कर दिया जाएगा। उन्होंने बकायादार किसानों से भी ब्याज लगने से बचने के लिए समय पर पहले का ऋण जमा करवाकर नया ऋण लेने का आह्वान किया है।
गफलत में नहीं रहें किसान
राज्य सरकार की ओर से घोषित ऋण माफी का लाभ उन सभी किसानों को मिलेगा, जिनके 30 सितम्बर 2017 को ऋण राशि बकाया थी। लेकिन कई किसान इस गफलत में पुराना ऋण जमा ही नहीं करवा रहे हैं और उन्हें ब्याज भुगतना पड़ेगा। ऐसे में किसानों को किसी गफलत में नहीं रहकर पुराना ऋण जमा करवाते हुए नया ऋण ले लेना चाहिए, ताकि उन्हें ब्याज नहीं देना पड़े।
- जगदीश चौधरी, चीफ मैनेजर कॉपरेटिव बैंक जोधपुर