
जोधपुर।
रेलवे प्रशासन ने जोधपुर रेलमण्डल में लोको पायलट को मिलने वाले अवकाश में सेंध लगाकर संरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है। अब लोको पायलट द्वारा लिए जाने वाले अवकाश पर उसे 6 घंटे पहले ही ऑन ड्यूटी होना होगा। रेलवे प्रशासन के इस आदेश ने लोको पायलट की चिंता बढ़ा दी है। रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जोधपुर रेल मंडल में लंबे समय से लोको पायलट के पद बड़ी संख्या में रिक्त चल रहे है। वहीं इन दिनों मालगाड़ी का मूवमेंट भी अधिक हो गया है, जिसको देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यह आदेश जारी किया है।
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रात 12 बजे होना होगा ऑन ड्यूटी
उत्तर पश्चिम रेलवे जोधपुर रेल मंडल की ओर से महाप्रबंधक उत्तर पश्चिम रेलवे के हवाले से आदेश जारी किया गया कि लोको पायलट द्वारा अवकाश मांगे जाने पर अगले दिन सुबह 6 बजे रिज्यूम (पुन: नौकरी पर आना) करता था। नए आदेश के तहत अब उसे रात 12 बजे ही उसे ऑन ड्यूटी होना होगा।
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प्रभावित होगी संरक्षा व सुरक्षा
रेल मंत्रालय द्वारा गठित हाई पावर कमेटी द्वारा संरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोको पायलट को अधिकतम 9 घंटे ट्रेन वर्क करवाने की रिपोर्ट दी थी। लेकिन वर्तमान स्थिति देखे तो जोधपुर रेल मंडल का प्रत्येक लोको पायलट 12 से 14 घंटे ट्रेन वर्क कर रहा है। इससे रेलवे संचालन, संरक्षा प्रभावित होती है।
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लोको पायलट की स्थिति
पद नाम--- स्वीकृत पद--- भरे हुए ---रिक्त
मेल---- 66--------- 64----- 02
पैसेंजर----- 52--------- 51----- 01
माल------ 238-------- 117---- 121
शटिंग------34-----------33-----01
एएलबी----356-------- 213---- 143
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ये रेलवे की संरक्षा व सुरक्षा से जुड़े पद है। महाप्रबंधक स्तर से जारी यह विरोधाभासी आदेश है। रात 12 बजे ऑन ड्यूटी होने पर लोको पायलट को मानसिक तनाव भी रहता है।
मनोजकुमार परिहार, मण्डल सचिव
नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉयज यूनियन