
जोधपुर. राज्य सरकार की ओर से शहर की एजेंसियों को सडक़ मरम्मत का बजट मिलने के बाद भी कई इलाकों में सडक़ों के ‘घाव’ नहीं भरने से वे अपनी बदहाली पर कराह रही हैं। दिवाली से पूर्व सडक़ों की मरम्मत के निर्देश के बावजूद इस क्षेत्र के लोग अभी तक हिचकोले खाने को मजबूर हैं। मामला सांगरिया फांटा क्षेत्र का है। सांगरिया फांटा से सालावास तथा सांगरिया से जोधपुर की ओर जाने वाली सडक़ की बारिश के बाद एेसी दुर्दशा हो गई है कि यहां वाहन चलाने की तो छाडि़ए, पैदल चलना भी मुश्किल है। सांगरिया फांटा से तनावड़ा-सालावास की ओर जाने वाली सडक़ पर डामर का नामोनिशान तक नहीं बचा है। यह सडक़ सानिवि के अधीन है। इस मार्ग पर इतने गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं कि सांगरिया से तनावड़ा के बीच ३ किमी को पार करने में 15 से 20 मिनट का समय लग रहा है। इस मार्ग पर उड़ती धूल लोगों को अस्थमा की बीमारी बांट रही है। इस मार्ग पर इतनी धूल उड़ती है कि 10 फीट आगे कुछ भी दिखाई नहीं देता है, नतीजतन वाहनचालकों को कई बार दिन में भी हेडलाइटें जलानी पड़ती है। सडक़ पर गहरे ‘जख्म’ होने से इस मार्ग पर वाहन रेंग-रेंगकर चलते हैं, एेसे में यहां दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार आपात स्थिति में अस्पताल तक पहुंचना मरीजों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो जाता है।
आए दिन हो रहे हादसे
सांगरिया फांटा से तनावड़ा-सालावास व जोधपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर टूटी सडक़ के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। गत दो माह में इस मार्ग पर दो जनों की जान जा चुकी है। वहीं गुरुवार को सालावास मार्ग पर बेकाबू डम्पर ने बाइक चालक युवक के पैर तोड़ डाले। यहां आए दिन हादसों में वाहन चालकों के चोटिल होने के बावजूद अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
नाम की सीसी सडक़
सांगरिया फांटा से जोधपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर रीको की ओर बारिश की सीजन शुरू होते ही सांगरिया फांटा व बाइपास चौराहे पर सीसी सडक़ का कार्य शुरू किया गया। यहां निर्माण कार्य की कछुआ चाल के कारण गत तीन माह से यहां एकतरफा यातायात संचालित हो रहा है। एेसे में यहां आए दिन जाम लग जाता है। दो माह पूर्व बनवाई गई एकतरफा सीसी सडक़ निर्माण के 15 दिन बाद ही उखड़ गई। घटिया निर्माण सामग्री के चलते यह पूरी सडक़ बिखर गई है। यहां वर्तमान में सीसी सडक़ का नामोनिशान तक नजर नहीं आता। यहां सडक़ के दूसरे भाग में चल रहे सीसी सडक़ निर्माण में भी घटिया सामग्री काम में लिए जाने की आशंका है।
इनका कहना है
रीको की ओर से बनवाई जा रही सीसी सडक़ के क्षतिग्रस्त होने व कार्य अधूरा पड़ा होने की मुझे जानकारी नहीं है। मेरा स्थानांतरण हो गया है।
-विनीत गुप्ता, अधिशासी अभियंता, रीको
सडक़ मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया गया है। गड्ढे भरने के बाद डामरीकरण किया जाएगा।
-मोहम्मद शरीफ, सहायक अभियंता, सानिवि