
फलोदी/जोधपुर. सरकार के अडियल रवैए से राजस्थान रोडवेज बसों के पहिए एक बार फिर थम गए। राजस्थान रोडवेज के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चे के तत्वावधान में रविवार देर रात 12 बजे से रोडवेज की चक्काजाम हड़ताल शुरू हुई।
रविवार मध्यरात्रि और सोमवार को फलोदी और जोधपुर बस स्टेण्ड से एक भी बस नहीं चली और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को केन्द्रीय बस स्टेण्ड पर उग्र प्रदर्शन किया और रोडवेज की बस नहीं चलने दी। मंगलवार को भी रोडवेज के पहिए जाम रहेंगे।
गत जुलाई माह में रोडवेजकर्मियों ने 3 दिन की हड़ताल की थी। इस पर सरकार ने यातायात मंत्री युनूस खान की अध्यक्षता में मोर्चा के पदाधिकारियों से समझौता करने के लिए समिति गठित की थी, जो बेनतीजा रही। हड़ताल से फलोदी डिपो में 5 लाख और जोधपुर डिपो में एक दिन में करीब 15 लाख रुपए राजस्व घाटा हुआ और साढ़े बारह हजार यात्री भार रोडवेज का इंतजार करता रहा। इसके अलावा, ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्री भी यात्रा से अटक गए। फलोदी डिपो से 59 व जोधपुर डिपो में तकरीबन १११ बसें और जोधपुर संभाग में 600 से ज्यादा रोडवेज बसों के पहिए थमे रहे।
धरना तीसरे दिन भी जारी
इधर, रोडवेज कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर पूर्व में हुए समझौते को क्रियान्वित करने की मांग को लेकर राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त मोर्चा के प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत फलोदी डिपो के कर्मचारियों द्वारा आगार वर्कशॉप के समक्ष शुरू किया गया धरना एटक अध्यक्ष सुखराम चौधरी, सचिव सहीराम विश्नोई, इंटक के चैनसुख जोशी सहित कई कर्मचारियों ने धरने में भागीदारी अदा की तथा धरने के दौरान राज्य सरकार को रोडवेज कर्मचारियों अपनी विभिन्न मांगों का ज्ञापन भी भेजा।
इसलिए हुई हड़ताल
राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्प्लॉयज युनियन एटक के प्रदेश सचिव लक्ष्मणसिंह राजपुरोहित ने बताया कि यातायात मंत्री युनूस खान के साथ मोर्चे के पदाधिकारियों की वेतनमान व अन्य मांगों को लेकर गत 27 जुलाई को समझौता वार्ता हुई। वार्ता के दौरान लिखित समझौतों को निर्धारित समयावधि में लागू नहीं करने के कारण हड़ताल की जा रही है। युनियन के बुधाराम डूडी ने बताया कि रोडवेज कर्मचारी लंबे समय से राज्य सरकार से सातवां वेतन आयोग लागू करने, पदोन्नति करने, नई बसों की खरीद करने, रोडवेज में विभिन्न पदों पर नई भर्ती करने सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे है।