
जोधपुर।
प्रदेश में रोडवेज बसों के संचालन के लिए जारी होने वाली शीतकालीन समय सारणी गुरुवार से लागू होनी थी। डिपो स्तर पर इसकी तैयारी भी कर ली गई लेकिन एनवक्त पर एक दिन पूर्व बुधवार शाम को रोडवेज मुख्यालय से जारी आदेशानुसार रोडवेज की नई समय सारणी लागू होने से अटक गई। प्रदेश में डिपो स्तर पर नई समय सारणी लगभग पूरी तैयार है, अब मुख्यालय से हरी झण्डी मिलने पर ही लागू हो पाएगी। इससे पुरानी समय सारणी के शेड्यूल से ही बसों का संचालन होगा। नई समय सारणी में ओवर लेपिंग को रोकने, घाटा कम करने और अधिक से अधिक यात्री भार लेने जैसे लक्ष्य निर्धारित किए गए है। पहली बार एेसा होने जा रहा था कि रोडवेज का विंटर टाइम टेबल 1 अक्टूबर के स्थान पर 1 नवम्बर को लागू होने जा रहा था। समय सारणी के लेट होने का कारण इस बार 16 सितंबर से 6 अक्टूबर तक चली रोडवेज कर्मचारियें की चक्काजाम हड़ताल की वजह से प्रदेश के कई डिपो में शीतकालीन समय सारणी तैयार नहीं हो पाई थी।
यह बदलाव किए गए
रोडवेज प्रबंधन के अनुसार, नई शीतकालीन समय सारणी में एक ही समय में एक ही स्टेण्ड पर बसों के ओवर लेपिंग अर्थात आपसी टकराव को रोकने के प्रयास किए गए है ताकि सभी डिपो को समान रूप से यात्री भार मिले और आपस में टकराव का फ ायदा निजी संचालक नहीं उठा सके। प्रबंधन के अनुसार आपसी टकराव वाली बसों के संचालन समय में बदलाव कर आगे पीछे किया गया है ताकि यात्री बार बना रहे।
डिमांड वाले रूट पर नई बसें
नई समय सारणी में घाटा देने वाले, औसत से कम आय और यात्री भार वाले रूट पर बसों का संचालन घटाया अथवा बदल कर किया जाता है। प्रबंधन के अनुसार कुछ रूट पर बंद बसें पुन: चलाने और कुछ रूट पर नई बसें संचालित करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा उपलब्ध संसाधनों का अधिक उपयोग कर डिपो को आवंटित किलोमीटर चला कर अधिक राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य दिया जा रहा है
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प्रदेश स्तर पर कॉर्पोरेशन लेवल, इंटर स्टेट लेवल पर किलोमीटर, टैक्स दरें आदि तय नहीं हो पाई है। इस वजह से मुख्यालय से नई समय सारणी जारी करने की स्वीकृति नहीं मिली है। मुख्यालय से अनुमति मिलते ही नई समय सारणी लागू कर दी जाएगी। वैसे जोधपुर डिपो की समय सारणी में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है।
बीआर बेड़ा, मुख्य महाप्रबंधक
रोडवेज डिपो जोधपुर