
जोधपुर।
वैश्विक कोरोना महामारी ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक रहने का सकारात्मक सबक दिया है। कोरोना काल में आमजन में अपनी फिटनेस लेकर जागरुकता बढ़ी है। कोरोना ने लोगों की लाइफ स्टाइल बदल दी है और मॉर्निंग वॉक, व एक्सरसाइज लोगों की दिनचर्या में शामिल हो गए है। इसके अलावा, लोगों का जिम के प्रति आकर्षण बढ़ा है। इसमें युवा ही नहीं, हर आयु वर्ग के महिला-पुरुष जिम में वर्जिश करते दिख जाते है।
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शहर में करीब 100 जिम
कोरोना काल में अनलॉक से पहले लोग वॉक, जॉगिंग, स्ट्रेचिंग आदि कर रहे थे। अब अनलॉक के बाद जिम खुल गए है। शहर में करीब 100 जिम है। जहां भीड़ पड़ रही है। करीब 15 लाख आबादी वाले शहर में आज शहर के हर कोने में जिम खुल गए है। शहर में ऐसे जिम भी है, जिनकी एक से अधिक शाखाएं चल रही है।
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लड़कियों व बुजुर्गो में बढ़ा क्रेज
जिम में जाकर कसरत करने वालों में केवल युवा ही नहीं बल्कि लड़कियां व बुजुर्ग भी है। शहर के अधिकांश जिम में लड़कियों के लिए कसरत का अलग समय निर्धारित हैं तो कई जिम में लड़कें-लड़कियां साथ ही वर्जिश करते हैं। शहर में ऐसे लोगों की संख्या भी अधिक हैं, जो शौकिया तौर पर केवल अपनी फिटनेस मेन्टेन रखने के लिए जिम जा रहे है।
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लाखों रुपयों की मशीनें
शहर में पारंपरिक अखाड़ों से हटकर जिम में अत्याधुनिक तकनीकी वाली लाखों रुपयों की मशीनें है। जिनमें चेस्ट, बेंच प्रेस, शोल्डर प्रेस, पैक-डेम प्लाई, हाई लाइट पुली, क्रॉस ट्रेनर, इलेक्ट्रिक जॉगर, साइकिल, ट्विस्टर, ग्रेवी ट्रोन, एब्डोमिनल बोर्ड, सिटेड रो, क्रेजी मसाजर, टी-बार आदि मशीनें आदि उपलब्ध हैं।
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शौक नहीं जरूरत बन रहा
जिम संचालक जनक सोनी ने बताया कि कोरोना महामारी लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। जिसका सामना करने के लिए शारीरिक योग, कसरत, प्राणायात-ध्यान, आसन आदि कारगर साबित हुए है। व्यक्ति को घर में कसरत व व्यायाम करने का माहोल भी नहीं मिलता। इन सभी परेशानियों का हल जिम में मिलता है, जहां कोच द्वारा व्यवस्थित तरीके से एक्सरसाइज करवाई जाती है। ऐसे में जिम केवल फिटनेस मेन्टेन रखने के रूप में शौक ही नहीं बल्कि कई शारीरिक कमियों को दूर करने के लिए जरूरत भी बना है।
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