
जोधपुर सहकारी उपभोक्ता होलसेल भण्डार की ओर से शहर में दो साल बाद पटाखा मेला लगाया जाएगा, लेकिन यह मेला हमेशा की तरह रेलवे स्टेशन के पास स्थित सहकारी बाजार में नहीं लगेगा। पहली बार यह मेला चार अलग-अलग स्थानों पर लगाया जा रहा है। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के 16 वें सेक्टर, रामनगर व लालसागर स्थित सहकारी भण्डार के काउंटर के अलावा अरबन हाट में पटाखे बेचे जाएंगे। शनिवार को लाइसेंस मिलते ही संभवत: सोमवार को पटाखा मेला शुरू किया जाएगा।
रेलवे स्टेशन के पास स्थित राजीव गांधी सहकार भवन की प्रबंध समिति ने सुरक्षा कारणों से यहां जून में ही पटाखा मेला नहीं लगाने के आदेश दिए थे। भण्डार प्रबंधन ने फिर भी सहकारी बाजार के नाम से लाइसेंस के लिए आवेदन किया और लाइसेंस मिल भी गया। इसके बाद सहकार भवन में पटाखा मेला लगाने को अधिकारियों में आपस में गर्मागर्मी रही। आखिर बाजार में पटाखा मेला नहीं लगाने का निर्णय बरकरार रखा गया। ऐसे में अब भण्डार प्रबंधन अब काउंटर पर मेला लगाने जा रहा है।
1.50 करोड़ के बिकते हैं पटाखे, फिर भी कोई नहीं आया
सहकारी भण्डार प्रबंधन ने पटाखा मेले के लिए ई-टैण्डर किया। इसके लिए नियमानुसार धरोहर राशि 7 लाख रुपए रखी गई। भण्डार ने टैण्डर में वर्ष 2015 में बिके 1.50 करोड़ रुपए के पटाखों का उल्लेख भी किया था, बावजूद इसके तय समय सीमा में कोई विक्रेता नहीं आया। अब भण्डार प्रबंधन कंसाइंनमेंट आधार पर पटाखे बेचेगा। गौरतलब है कि दो साल पहले 23 अक्टूबर 2016 को भण्डार के दिवाली मेला लगाने के दो दिन बाद ही आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने अवधि पार व बगैर बिल महंगे पटाखे बेचने के आरोप में सरदारपुरा थाने में एफआइआर दर्ज करवाई थी। इसके बाद पटाखा मेला उठा लिया गया।
इस बार लगाएंगे पटाखा मेला
सहकारी भण्डार इस बार शहर के चार स्थानों पर पटाखा मेला लगाएगा, जहां उचित दाम पर कम्पनी के पटाखे बेचे जाएंगे।
कैशाराम चौधरी, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (सहकारिता) व प्रशासक, जोधपुर उपभोक्ता होलसेल सहकारी भण्डार