
अभियोजन पक्ष ने गवाह हरीश दुलानी के बयान करवाए ही नहीं
RP BOHRA/जोधपुर. कांकाणी हिरण शिकार मामले में प्रारम्भिक अनुसंधान अधिकारी रहे मांगीलाल सोनल ने अपनी रिपोर्ट में फिल्म अभिनेता सलमान खान द्वारा हिरणों का शिकार करने का कहीं पर भी जिक्र नहीं किया था। यहां तक कि जिस गवाह हरीश दुलानी के बयान से मामला बनाया गया उस गवाह के बयान अभियोजन पक्ष ने करवाए ही नहीं।
वन्यजीव अधिकारी मांगीलाल ने बयान और जिरह में यह कहा था कि 6 अक्टूबर के बाद हरीश दुलानी और अन्य गवाह के कहने पर सलमान खान व अन्य फिल्मी सितारों के खिलाफ मामला बनाया गया था। इससे पूरा मामला झूठा प्रतीत होता है। सलमान खान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर जिला के पीठासीन अधिकारी देवकुमार खत्री की अदालत में चल रहे १९ वर्ष २ माह पुराने हिरण शिकार मामले के अंतिम चरण में यह दलील दी।
प्रारंभिक अनुसंधान ही गलत
उन्होंने कहा कि मामले के प्रारंभिक अनुसंधान के मौके के नक्शे में भी चश्मदीद की तत्कालीन स्थिति, शिकारी की जिप्सी की जगह और जिप्सी के टायरों के निशान सहित ऐसे कई महत्वपूर्ण तथ्य हैं जो रिपोर्ट में शामिल ही नहीं हैं। मृत हिरणों पर लगा खून भी जब्त नहीं किया गया। इस तरह प्रारंभिक अनुसंधान की रिपोर्ट से यह कहीं साबित नहीं होता है कि सलमान खान इस मामले में शामिल था।
उन्होंने कहा कि ये सभी बातें वन्यजीव अधिकारी सोनल ने जिरह के दौरान स्वीकार की थीं। जिरह में उस स्वीकारोक्ति पर भी दलील दी। जिसमें सोनल ने कहा था कि 6 अक्टूबर 1998 तक जांच उसी के पास थी। तब तक अनुसंधान और पत्रावली में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं था जिससे आरोपी को गिरफ्तार किया जा सके। समय अभाव के कारण बहस शुक्रवार को पूरी नहीं हो पाई। अब सोमवार 20 नवम्बर को इस मामले की सुनवाई फिर से होगी।