जस्टिस माथुर की खंडपीठ में एएनएम भंवरी के गायब होने के बाद उसके पति की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान उनकी प्रखर टिप्पणियों व गंभीरतापूर्वक जारी निर्देशों के बाद सरकार ने मामला सीबीआई को सौंपा। शहर के बिगडे़ यातातयात से संबंधित मामला हो, या प्राचीन जलाशयों व देवस्थान विभाग में व्याप्त आपाधापी का मामला। अशोक उद्यान की बदहाली का मुद्दा हो या एयरपोर्ट विस्तार, कनेक्टिविटी, बरसाती नालों, ट्रैफिक और ओवरब्रिजों से संबंधित मामला, प्रवासी पक्षी कुरजां का दर्द हो या सरकार द्वारा लोकतंत्रीय व्यवस्था में सैंध लगाने की कार्रवाई हो, एेसे मुद्दों में जस्टिस माथुर ने स्व प्रेरणा प्रसंज्ञान लेते हुए जनहित याचिकाएं दायर कर सरकार के नाम से समय-समय पर निर्देश जारी किए।