जोधपुर

कोरोना संक्रमण का खतरा कम करती है सांगरी की सब्जी, शोध में हुआ खुलासा

- जेएनवीयू जोधपुर, उस्मानिया विवि हैदराबाद और इंद्रप्रस्थ विवि दिल्ली के शोध में खुलासा- सांगरी में मौजूद 22 रसायनों में से 2 ने वायरस की वृद्धि के लिए आवश्यक एंजाइम को बांधा
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Sep 27, 2020
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गजेन्द्र सिंह दहिया/जोधपुर. मारवाड़ के पंचकूटे की सब्जी में से एक सब्जी सांगरी के कोरोना वायरस से लडऩे के प्रमाण मिले हैं। सांगरी वायरस के गुणन के लिए आवश्यक एंजाइम को बांध देती है जिससे वायरस मानव शरीर में अपना गुणन नहीं कर सकता है और शीघ्र ही खत्म होने लगता है। यह खुलासा जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर, उस्मानिया विवि हैदराबाद और गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से किए गए शोध में हुआ है। सांगरी प्रदेश के राज्य वृक्ष खेजड़ी (प्रोसोपिस सिनेरिया) की फली है। नियमित तौर पर सांगरी की सब्जी अथवा उसका एक्सट्रेट उपयोग में लेने पर कोरोना का संक्रमण रोकने में मदद मिलती है।

कोरोना के दो तत्वों को बांधा
मरुस्थलीय पौधों में विशेष एंटीवायरस लक्षण पाए जाते हैं जिनके लिए उनमें उपस्थित फ ाइटोकपांउड उत्तरदायी होते हैं। सांगरी के विभिन्न सत के अन्वेक्षण में एलसीएमएस रासायनिक फि ंगर प्रिंटिंग से मुख्य 22 यौगिकों का चयन कर कंप्यूटर आधारित सॉफ्टवेयर अध्यनन में वायरस के विभिन्न टारगेट्स क्रमश: आरएनए डिपेंडेंट डीएनए पोलिमरेज, मुख्य प्रोटीएज, स्पाइक प्रोटीन, एसीई-2 ग्राही और प्राइमर के विरुद्ध विश्लेषण किया गया। इसका विश्लेषण केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान लखनऊ से करवाया गया। शोध डाटा के अनुसार सांगरी के यौगिक-जी व यौगिक-एम वायरस के बहुगुणन को आरएनए डिपेंडेंट डीएनए पोलिमरेज के अवमन्दन द्वारा रोकने में सक्षम है। साथ ही ग्राही एसीई-2 के अवमंदन की भी क्षमता रखते हैं।

वायरस के संक्रमण को रोका
सांगरी द्वारा कोरोना संक्रमण को अवरुद्ध करने का पता चला है। अब इन-विट्रो और इन-वीवो अध्ययन के लिए शोध प्रोजेक्ट भेजा जाएगा, जिससे औषधिय सप्लीमेंट की दिशा में काम होगा। फ ार्मास्यूटिकल कम्पनीज के लिए नवीन औषधि भी विकसित की जा सकेगी।
- डॉ हीराराम, प्राणी शास्त्र विभाग, जेएनवीयू जोधपुर

Published on:
27 Sept 2020 10:43 am