
परिवादी अजयसिंह राठौड़ ने महामंदिर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करा कर बताया कि संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी में अलग-अलग समय में 30 लाख से अधिक रुपए एफडी के तौर पर जमा करवाएं। आवश्यकता पडऩे पर वापस मांगे लेकिन सोसायटी के आफिस पर ताले लगा दिए गए और शाखा प्रबंधक,अध्यक्ष,संचालक तथा अन्य पदाधिकारी भूमिगत हो गए। पुलिस ने अनुसंधान के बाद आरोपी के खिलाफ आइपीसी की धारा 420,406,120 बी सहित विभिन्न धाराओं में न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी ने घोटाले से पहले से ही इस्तीफा दे दिया। लोक अभियोजक केशरसिंह नरूका ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि संजीवनी क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के संचालकों ने 227 शाखाओं के माध्यम से 953 करोड रुपए जमा लेकर परिपक्वता के बाद देने से इनकार कर दिया। सोसाइटी के अकाउंट्स बुक में 1100 करोड़ के फर्जी ऋण दिखा दिए। अभियुक्त ने रियल स्टेट कारोबार में यह रकम लगा दी। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बाड़मेर जिले के रामसर तहसील स्थित इंद्रोई गांव के आरोपी विक्रमसिंह पुत्र छुगसिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी।