
जोधपुर.अखंड सुहाग व मनोवांछित वर की कामना को लेकर भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया बड़ी तीज (सत्तू तीज) के रूप में गुरुवार को मनाई जाएगी। तीजणियां मान-मनुहार के साथ सिंजारा ग्रहण करने के बाद तड़के उठकर 'धमोळीÓ करेंगी। सूर्यास्त के बाद तीज व्रत का संकल्प लेने वाली तीजणियां चन्द्रोदय तक निराहार रहेगी। चन्द्रोदय के बाद ही अघ्र्य देकर व्रत का पारणा करेंगी। पं. ओमदत्त शंकर ने बताया की तीज को चन्द्रोदय रात्रि 9.32 बजे होगा। कठिन व्रत ऊब छठ 9 अगस्त को मनाया जाएगा। नहीं जा सकेगी मंदिरइस बार कजली तीज को व्रत रखने वाली तीजणियां संध्या के समय व्रत संकल्प के बाद शहर के प्रमुख मंदिरों में दर्शन नहीं कर सकेगी। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण मंदिरों के पट बंद होने से तीजणियों को घर में ही तीज से जुड़ी पौराणिक कथाओं का श्रवण करना पड़ेगा।
मारवाड़ के लोकपर्व की शेषरात्रि बुधवार को तीजणियां मान-मनुहार के साथ ‘धमोळी’ की परम्परा का निर्वहन करेगी। परकोटे के भीतरी शहर में तीज की पूर्व संध्या पर धमोळी की धूम रहेगी। जगह जगह लगी अस्थाई मिष्ठान और व्यंजनों की स्टॉलों पर व्रत रखने वाली तीजणियों के लिए लागत दरों पर खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे।