
जोधपुर. राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के न्यायिक सदस्य सुरेंद्रकुमार जैन तथा सदस्य संजय टाक ने बीमा धारक की अपील स्वीकार करते हुए एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को निर्देश दिया कि परिवादी को ब्याज के साथ 20 लाख रुपए तथा 20 हजार रुपए परिवाद खर्च के अलग से एक माह में अदा करें। भरत कंवर ने अधिवक्ता अनिल भंडारी के माध्यम से अपील दायर कर बताया कि उसके पति का एसबीबीजे की जैतारण शाखा में बचत खाता था,बैंक की ओर से खाता धारक का बीस लाख रुपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा करवाया गया था। पति के सीढिय़ों से गिरने तथा अज्ञात ट्रक की टक्कर के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। बीमा कंपनी ने यह कहकर दावा खारिज कर दिया कि जैतारण
ग्राम पंचायत के डेथ सर्टिफिकेट अनुसार मृत्यु घर पर ही बीमारी से हुई है, इस आधार पर पाली जिला उपभोक्ता मंच ने परिवाद खारिज कर दिया। अधिवक्ता भंडारी ने गलत मृत्यु प्रमाण,अस्पताल के कागजातों में चोट साबित होना,दुर्घटना में मृत्यु होने पर पोस्टमार्टम की अनिवार्यता नहीं होने की दलीले दी। बीमा कंपनी ने एफआईआर देरी से लिखाने के आधार पर अपील खारिज करने का निवेदन किया। दोनों पक्षों को सुनकर राज्य आयोग ने बीमा धारक के पक्ष में फैसला दिया।