
अभिषेक बिस्सा
जोधपुर. राज्य सरकार की ओर से नए स्कूल खोलने की घोषणा कर दी जाती है, लेकिन पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव में ऐसे विद्यालय बदहाली का दंश झेलते हैं। 8 वर्ष पूर्व मंडोर ब्लॉक में खुला राजकीय प्राथमिक विद्यालय खोजों की ढाणी मोकलावास एक छप्पर के नीचे संचालित हो रहा है।
साल 2013 में सर्व शिक्षा अभियान के तहत जोधपुर जिले के मंडोर पंचायत समिति के रोहिल्लाकला ग्राम पंचायत के मोकलावास में राजकीय प्राथमिक विद्यालय खोजो कि ढाणी के नाम से स्कूल खोलने के आदेश सरकार ने दिए थे। जबकि अभी तक स्कूल को सरकारी भवन का इंतजार है। यहां स्कूल खुलने के बाद रहवासियों की मदद से एक कच्चे छप्पर में स्कूल शुरू किया गया। क्षेत्रवासी यहां जमीन आवंटन के इंतजार में है। जबकि जेडीए की यहां कई बीघा जमीन है और इसके लिए जेडीए ने पूर्व में पटवारी व तहसीलदार सहित कई जिम्मेदार सर्वे कर चुके हैं। फाइल भी जेडीए में लगी हुई है।
26 का नामांकन है
अध्यापक संतोकसिंह सिनली ने पत्रिका टीम के पूछने पर बताया कि स्कूल में वर्तमान में 26 का नामांकन है। सर्दी, गर्मी व बरसात में यहां छात्रों को शिक्षण करवाने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। तेज बारिश व धूप में यहां विद्यालय अन्यत्र शिफ्ट करना पड़ता है। कई बार स्कूल बंद की स्थिति आ जाती है।
और भी दो स्कूलों के यहीं हाल
इसी के साथ राजकीय प्राथमिक विद्यालय जोगियों की ढाणी और राप्रावि भवरियों की ढाणी खोली गई थी। ये विद्यालय भी अपने भवन को तरस रहे है। शिक्षा विभाग की बेपरवाही व राज्य सरकार की अनदेखी की सजा शिक्षक व विद्यार्थी भुगत रहे हैं।