
जोधपुर / शेरगढ़.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जिले के शेरगढ़ में एसडीएम चन्द्रप्रकाश भंडारी के आवास पर शुक्रवार रात आकस्मिक तलाशी लेकर 4.52 लाख रुपए, अवैध खनन से संबंधित सात-आठ पत्रावलियां व पंचायत सहायक गणपत लाल शर्मा से 60 हजार रुपए और तीन खाली चेक बरामद किए। दोनों के खिलाफ एसीबी मुख्यालय में एफआईआर दर्ज कर जांच की जाएगी और फिर कानूनी कार्रवाई होगी। देर रात तक एसीबी की कार्रवाई चल रही थी।
एसीबी की ग्रामीण चौकी प्रभारी गोपालसिंह भाटी ने बताया कि एसडीएम भण्डारी का हाल ही रेलमगरा (राजसमंद) तबादला हुआ है। इसके बावजूद वे अपने सरकारी आवास में फाइलें लेकर पुरानी तारीख (बेकडेट)में निस्तारण कर रहा था। इसकी सूचना मिलने पर एएसपी भाटी के नेतृत्व में एसीबी की ग्रामीण चौकी टीम ने दबिश दी और आकस्मिक तलाशी ली। एसडीएम भण्डारी के पास 4.52 लाख रुपए मिले। साथ ही अवैध खनन संबंधी सात-आठ फाइलें भी बरामद हुईं। राशि के बारे में वो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
इसके अलावा उनके आवास पर बतौर मध्यस्थ पंचायत सहायक गणपतलाल शर्मा भी मिले। उनकी तलाशी लेने पर साठ हजार रुपए और तीन खाली चेक बरामद हुए। चेक पर एक लाख, डेढ़ लाख और दो लाख रुपए की राशि भरी हुई थी।
फिलहाल दोनों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। जयपुर में एसीबी मुख्यालय में एफआईआर दर्ज की जाएगी। जांच के बाद इनको गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश होगा।
एसडीएम बोले, पत्रकार के हैं रुपए, जांच में निकला झूठ
एसीबी ने जब एसडीएम के आवास पर दबिश दी और राशि के संबंध में पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके पास करीब एक से सवा लाख रुपए हैं। जो कथित पत्रकार ने उन्हें दिए थे। एसीबी ने उसका मोबाइल लगाया, लेकिन जवाब नहीं मिला। शेरगढ़ थाने के हैड कांस्टेबल ने अपने मोबाइल से फोन लगाया, तो कथित पत्रकार ने उठा लिया। एसीबी ने मोबाइल का स्पीकर ऑन कर गवाहों के सामने उससे बात की, तो उसने एसडीएम से एक रुपए का भी लेन-देन होने से स्पष्ट इनकार कर दिया। एसीबी ने एसडीएम के पास मिली राशि की गिनती की, तो एक-सवा लाख के बजाय 4.52 लाख मिली। इसके बारे में वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
अवैध खनन की फाइलों का घर पर निस्तारण
एसीबी का कहना है कि शेरगढ़ व आस-पास अवैध खनन करने वालों को नोटिस दे रखे हैं। ये फाइलें रात को घर पर लाकर पुरानी तारीख में नोटिस के निस्तारण किए जा रहे थे। आशंका है कि बदले में अवैध खननकर्ताओं से बड़ी राशि वसूली जा रही थी। जब्त राशि इसी से अर्जित होने की संभावना है।