
जोधपुर. प्रशासन शहरों के संग अभियान के अब तक आयोजित शिविरों में कई प्रकरणों का निस्तारण किया गया है, लेकिन अभी भी प्रकरणों के निस्तारण प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है। राज्य सरकार ने आमजन को राहत देने के लिए प्रशासन शहरों के संग अभियान में कई छूट व रियायतें दी है, लेकिन जब तक इसका लाभ आम जनता को नहीं मिलेगा, तब तक इन अभियानों के माध्यम से आशा अनुरूप परिणाम नहीं मिल सकेंगे। स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव जोगाराम ने समीक्षा करते हुए यह बात कही।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक आयोजित हुए प्रशासन शहरों के संग अभियान के कैंपों का फीडबैक लिया है, जिसमें उम्मीद के अनुसार परिणाम नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि हमें जमीनी स्तर पर जाकर प्रकरणों के निस्तारण के प्रयास करने होंगे और घर घर जाकर दस्तक देनी होगी। जोगाराम ने कहा कि इतनी छूट और रियायत देने के बावजूद भी यदि सकारात्मक परिणाम नहीं मिलते हैं तो हमें यह मंथन करने की आवश्यकता है कि कहां कमी रही है। उसके बाद उस कमी को दूर करने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि 15 जुलाई से अभियान का नया चरण शुरू होने जा रहा है। इसके लिए नई ऊर्जा के साथ अभी से ही वार्ड वार कैंप कार्यक्रम निर्धारित किया जाए। बैठक में जोधपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त अवधेश मीणा, नगर निगम आयुक्त उत्तर राजेंद्र सिंह कविया, नगर निगम आयुक्त दक्षिण अरुण कुमार पुरोहित, अतिरिक्त आयुक्त उत्तर बजरंग सिंह, अतिरिक्त आयुक्त दक्षिण राकेश कुमार व अन्य मौजूद रहे।
काम नहीं करने वाले होंगे दंडित
प्रत्येक निकाय के कार्यों की मॉनिटरिंग की जा रही है। कैम्पों में जो भी अधिकारी व कर्मचारी लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।