
जोधपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने कहा कि सभी को अपना मानने वाले, सभी मे एक चेतना देखने वाला अगर कोई है तो वो हिन्दू ही है । ऐसे हिन्दू समाज को संगठित करना राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का लक्ष्य है । हेडगेवार भवन के सभागार में सोमवार को आयोजित प्रबुद्ध जन संवाद में डॉ भागवत ने कहा कि अनुमान लगाने के स्थान पर अनुभूत करना जरूरी है । अर्थात समाज संघ को निकट से देखें व अनुभूति करे। शाखा में आएं और संघ के कार्यों को जाने और विचार को समझें। संघ सेवा से जुड़े कई कार्य कर रहा है। आपदा के समय स्वयंसेवक अग्रणी भूमिका निभाते हैं । वैसे समाज के लिए किए जाने वाले कार्यों का प्रचार करना संघ की संस्कृति नहीं है। बस समाज के लिए करना है यही प्रमुख है। संघ अपने स्तर पर राष्ट्र भाव को पुष्ट करने के लिए शाखा माध्यम से समाज को संगठित कर रहा है । बिना किसी भेदभाव के सामाजिक समरसता के आधार पर संगठित समाज का सशक्त स्वरूप बनाना ही संघ का लक्ष्य है। समाज को संगठित करने का यह कार्य केवल संघ का नही समाज का भी है। इसी मंत्र को ध्यान में रखकर काम करना है। जन संवाद में पूर्व न्यायाधीश, चिकित्सक, उद्योगपति व समाजसेवी शामिल हुए ।