
- सीज मुक्त करवाने के लिए लाखों रुपए खर्च करने होंगे
जोधपुर. शहर में धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण पर नकेल कसने के लिए नगर निगम ने नए आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत निगम अवैध निर्माण के चलते भवन को सीज करेगा तो निश्चित अवधि के लिए उसे सीज मुक्त करने के लिए जुर्माना राशि वसूलेगा। साथ ही व्यावसायिक निर्माण होने पर यह राशि दुगुनी हो जाएगी। अवैध निर्माण के विरुद्ध निगम ने पहली बार कड़े नियम बनाए हैं। निगम द्वारा जुर्माने के तौर पर वसूले जाने वाली यह राशि न तो वापस दी जाएगी और न ही अन्य कार्य में समायोजित होगी। पिछले दिनों अवैध निर्माण के चलते हुए हादसे के बाद निगम ने यह कदम उठाया है। हादसों के बाद 7 जून को महापौर घनश्याम ओझा की अध्यक्षता में एम्पावर कमेटी की बैठक में यह निर्णय किया गया। निगम सीज सामान को भी करीब एक लाख रुपए जुर्माना वसूलने के बाद छोड़ेगा। निगम मशीन व अन्य साधन संसाधन मौके पर ही लॉक कर सीज करेगा।
पहले था यह नियम
अब तक सीज मुक्त करने के लिए भवन मालिक नियमन के लिए छह माह का समय की मांग शपथ पत्र के जरिए करता और निगम सीज भवन को मुक्त कर देता था। सीज मुक्त होने के बाद अवैध निर्माण जस का तस रहता था।
फायदा
भवन मालिक नक्शा पास करवाने में लगने वाली राशि से बचने के लिए नक्शे से इत्तर निर्माण कर लेते हैं। अब जुर्माना लगने के डर से वह नियम से कार्य करेगा।
इनका कहना है
सीज अवैध निर्माण जो कि नियमन योग्य होते थे, पहले उसे शपथ पत्र के आधार पर सीज मुक्त कर दिया जाता था। ऐसे में अवैध निर्माण पर रोक लगाना संभव नहीं हो रहा था। अब जुर्माना वसूला जाएगा। जुर्माने में वसूली गई राशि रिफंडेबल नहीं होगी और भवन के नियमन के लिए अलग से राशि लगेगी।
घनश्याम ओझा, महापौर