जोधपुर

एक दशक बाद श्रावण में शनि प्रदोष का योग

श्रावण मास में ऐसा अवसर अब 2027 में होगा
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Jul 31, 2020
एक दशक बाद श्रावण में शनि प्रदोष का योग
एक दशक बाद श्रावण में शनि प्रदोष का योग

जोधपुर. श्रावण मास में एक दशक बाद इस बार पुन: शनिवार को शनि प्रदोष योग बना है। पंडित मुकेश गौड़ ने बताया की शिव महापुराण में सोम प्रदोष व शनि प्रदोष को उत्तम बताया गया है । श्रावण मास में भगवान शनि के साथ शिव का पूजन का फल कई गुणा अधिक होता है। जिन जातकों की कुंडली में शनि की ढैया और साढ़े साती हो वे जातक गोधूली वेला में काले तिल मिश्रित गंगाजल से शिवलिंग पूजन करने पर दोष दूर होते है। पूजन का यह अवसर अब पुन: वर्ष 2027 में आएगा। इससे पहले 2010 में 7 व 21 अगस्त को ऐसा संयोग हुआ था। शनि की साढ़े साती से ग्रसित लोगों के लिए इस युति को फलदायी माना जाता है। शनि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव के साथ-साथ शनिदेव का पूजन उत्तम माना गया है। निराहार रहकर व्रत रखने वाले जातकों को भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक करना चाहिए।

Updated on:
31 Jul 2020 10:34 pm
Published on:
31 Jul 2020 10:34 pm