जोधपुर

Jodhpur Accident: ‘पापा जल्दी आना…’ कहकर इंतजार करती रह गई मासूम, 5 बेटियों के सिर से उठा पिता का साया

'पापा जल्दी आना…' कहकर जिस मासूम ने पिता को घर लौटने के लिए कहा था, उसे क्या पता था कि पिता की राह देखते-देखते उसके हिस्से में जिंदगी का सबसे बड़ा दुख आने वाला है। घर में खाना परोसने से पहले पहुंची पिता की मौत की खबर ने परिवार को तोड़कर रख दिया।
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Sep 02, 2026
jodhpur accident
Jodhpur Accident: मृतक रमेश कुमार (फाइल फोटो- पत्रिका)

जोधपुर। 'पापा जल्दी आना… बाइक में तेल भरवाकर जल्दी घर आ जाना, फिर साथ में खाना खाएंगे।' मासूम बेटी की यह बात शायद पिता रमेश कुमार परमार के कानों में भी गूंज रही होगी, लेकिन मंगलवार रात किस्मत ने ऐसा दर्द दिया, जिसकी भरपाई अब कभी नहीं हो सकेगी। पांच बेटियों का पिता रमेश कुमार पेट्रोल पंप से बाइक में तेल भरवाकर घर लौट रहा था, लेकिन रास्ते में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।

शेरगढ़ कस्बे में मेगा हाईवे स्थित होटल के पास मंगलवार रात करीब 8 बजे हुए हादसे में रमेश कुमार पुत्र गंगाराम की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रमेश बाइक से घर की ओर लौट रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही एक अनियंत्रित कार ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से रमेश सड़क पर जा गिरा। तभी पीछे से आ रहे एक ट्रैक्टर ने उसे कुचल दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल रमेश की मौके पर ही जान चली गई।

हादसे के बाद बजती रही फोन की रिंग

हादसे के बाद सड़क पर मातम पसर गया। बताया गया कि रमेश की जेब में रखा मोबाइल लगातार बजता रहा। दूसरी ओर घर पर पत्नी और पांचों बेटियां उसके लौटने का इंतजार कर रही थीं। सबसे छोटी बेटी महज ढाई साल की है। उसे क्या पता था कि जिस पिता से उसने 'जल्दी आना' कहा था, वह अब कभी लौटकर नहीं आएगा।

अब कभी नहीं लौटेगा 5 बेटियों का पिता

रमेश के घर में रात का खाना तैयार होने वाला था। बच्चियां पिता के आने का इंतजार कर रही थीं। लेकिन कुछ ही देर में घर तक पहुंची हादसे की खबर ने परिवार को हिलाकर रख दिया। पत्नी और मासूम बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वृद्ध पिता गंगाराम और भाई जब अस्पताल पहुंचे तो जवान बेटे का शव देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

कई घरों में नहीं जले चूल्हे

रमेश मिलनसार और हंसमुख स्वभाव का था। उसके अचानक चले जाने की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अस्पताल की मोर्चरी के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। परिवार के दर्द को देखकर वहां मौजूद हर आंख नम थी। हालात ऐसे रहे कि पूरे पड़ोस में रात को कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला।

परिवार को ढांढस बंधाते रहे ग्रामीण

पुलिस ने शव को शेरगढ़ मोर्चरी में रखवाया और मामले की जांच शुरू की। बुधवार को पोस्टमार्टम व आवश्यक कार्रवाई के बाद जब रमेश की अंतिम यात्रा निकली तो बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार उसे अंतिम विदाई देने पहुंचे। पत्नी, पांचों मासूम बेटियों और वृद्ध पिता की हालत देखकर हर किसी का कलेजा भर आया। जिन बेटियों को पिता के साथ बैठकर खाना खाने का इंतजार था, वह अब हमेशा के लिए चला गया।

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Updated on:
02 Sept 2026 05:04 pm
Published on:
02 Sept 2026 05:04 pm