जोधपुर

424 यात्रियों को लेकर जोधपुर पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन, वहीं 8 बसों से यात्री उत्तराखंड रवाना

बैंगलोर से रवाना हुई श्रमिक स्पेशल ट्रेन मंगलवार सुबह 8:48 मिनट पर भगत की कोठी रेलवे स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन से विभिन्न जिलों के 424 यात्री उतरे। आईएएस अधिकारी वंदना सिंघवी ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई। रोडवेज की 12 बसों से उन्हें उनके गृह जिले तक छोड़ा गया।
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shramik special train reached jodhpur, 8 buses moved with migrants
424 यात्रियों को लेकर जोधपुर पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन, वहीं 8 बसों से यात्री उत्तराखंड रवाना

वीडियो : ओम टेलर/जोधपुर. बैंगलोर से रवाना हुई श्रमिक स्पेशल ट्रेन मंगलवार सुबह 8:48 मिनट पर भगत की कोठी रेलवे स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन से विभिन्न जिलों के 424 यात्री उतरे। आईएएस अधिकारी वंदना सिंघवी ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई। रोडवेज की 12 बसों से उन्हें उनके गृह जिले तक छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि ट्रेन पाली रेलवे स्टेशन पर भी रूकी। जहां काफी संख्या में यात्री उतरे।

किस जिले के कितने यात्री
टे्रन में जोधपुर जिले के 166 यात्री थे। इसी तरह जयपुर 12, करौली 26, बीकानेर 22, अजमेर 21, सवाईमाधोपुर 25, नागौर 46, जैसलमेर 9, बाड़मेर 59, भरतपुर 02, सीकर 07, चुरू 03, झुंझुंनु 08, अलवर 02, दौसा 05, धौलपुर 02, बांरा 09 यात्री थे। जिन्हें बसों से उनके गृह जिले तक छोड़ा गया।

आठ बसों से 247 यात्री उत्तराखंड-हिमाचल रवाना
पावटा सर्किल के निकट स्थित रोडवेज बस स्टैंड से मंगलवार दोपहर को आठ बसों से 247 यात्रियों को उत्तराखंड-हिमाचल के लिए रवाना किया गया। बसें रवाना होते ही सभी ने खुशी से हाथ हिलाते हुए जोधपुर को अलविदा कहा।जानकारी के अनुसार सात बसों में उत्तरखंड के 226 यात्रियों को रवाना किया। जिन्हें हरिद्वार तक छोड़ा जाएंगा। इसके साथ ही एक बस से हिमाचल के 21 लोगों को ले गए जिन्हें शिमला छोड़ा जाएगा। जहां से उन्हें घर तक पहुंचाने की व्यवस्था स्थानीय प्रशासन करेगा। इन यात्रियों में अधिकतर वे लोग थे जो जोधपुर में होटल, हेण्डीक्रॉफ्ट में काम करते थे तो कुछ विद्यार्थी थे जो जोधपुर में पढ़ाई कर रहे थे।

मेडिकल टीम का करना पड़ा इन्तजार
मेडिकल टीम देरी से पहुंचने के कारण बसें देरी से रवाना की जा सकी। दोपहर करीब डेढ़ बजे मेडिकल टीम बस स्टैंड पहुंची। तब जाकर यात्रियों की स्क्रीनिंग का कार्य शुरू हुआ। उसके बाद उन्हें बसों में बिठाकर रवाना किया गया। जबकि घर जाने की जल्दी में सुबह 9 बजे ही अधिकतर यात्री पहुंच गए थे। जबकि प्रशासन ने उन्हें सुबह 11 बजे बस स्टैंड बुलाया था।

Published on:
19 May 2020 05:38 pm