जोधपुर के बिलाड़ा में आयोजित एक भजन संध्या के दौरान आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल और चर्चित गायक छोटू सिंह रावणा एक साथ मंच पर नजर आए, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
राजस्थान की राजनीति में इन दिनों 'मारवाड़ के रण' में सुर और सियासत का अजीब संगम देखने को मिल रहा है। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद चर्चा में आए मशहूर लोक गायक छोटू सिंह रावणा अब नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के साथ एक ही मंच पर नजर आए हैं। मंगलवार रात बिलाड़ा के भावी गांव में आयोजित "एक शाम पीड़ित बिटिया के नाम" भजन संध्या में दोनों के बीच की केमिस्ट्री ने सोशल मीडिया पर सियासी तापमान बढ़ा दिया है।
भजन संध्या के दौरान छोटू सिंह रावणा ने मंच से हनुमान बेनीवाल की जमकर तारीफ की। उन्होंने एक पुराने इंटरव्यू का जिक्र करते हुए कहा, "मुझसे एक पत्रकार ने पूछा था कि आपका पसंदीदा नेता कौन है? मैंने बिना झिझक हनुमान बेनीवाल जी का नाम लिया। जब पत्रकार ने पूछा क्यों? तो मैंने कहा कि वह बंदा किसी से डरता नहीं है, और जो किसी से नहीं डरता, वो मुझे बहुत अच्छा लगता है।" छोटू सिंह के इस बयान को सीधे तौर पर उनकी 'निडर' छवि और हालिया विवादों से जोड़कर देखा जा रहा है।
हनुमान बेनीवाल ने भी अपने संबोधन में छोटू सिंह रावणा की गायकी और उनके साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि कलाकारों को हमेशा निर्भीक होकर अपनी बात रखनी चाहिए। दोनों के एक साथ के वीडियो अब वायरल हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ भी छोटू सिंह के साथ एक मंच पर दिखे थे।
छोटू सिंह रावणा पिछले कुछ दिनों से बाड़मेर की शिव सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी के साथ चल रही तनातनी को लेकर सुर्खियों में हैं। गायक ने भाटी पर 'डराने-धमकाने' और जान का खतरा होने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला इतना बढ़ गया कि छोटू सिंह ने शिव पुलिस थाने में विधायक भाटी के खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज करवाई है।
मारवाड़ के राजनीतिक पंडितों का मानना है कि छोटू सिंह रावणा का एक तरफ भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ और दूसरी तरफ आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के करीब जाना, रविंद्र सिंह भाटी के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को रोकने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। जहाँ भाटी युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं, वहीं बेनीवाल और राठौड़ के साथ छोटू सिंह की यह नजदीकी मारवाड़ के वोट बैंक में नई सेंधमारी की कोशिश मानी जा रही है।
एक तरफ रविंद्र भाटी के समर्थक इस मुलाकात को 'चुनावी स्टंट' बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ बेनीवाल के समर्थक इसे 'सच्चाई और निडरता' का मिलन कह रहे हैं। भावी गांव की इस भजन संध्या ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में मारवाड़ की राजनीति में जुबानी जंग और तेज होने वाली है।