
एम आई जाहिर / जोधपुर.खिलता हुआ गुलाब महकती कली है तू, फैली हुई जमीं पे हसीं चांदनी है तू...। एक ही संगीत रचना को सूफी, गजल, पॉप और फोक रंग में गाने वाले ग्लोबल इंडियन अवार्ड के लिए नामित लोकप्रिय सूफी और बॉलीवुड सिंगर ओसमान मीर ( Singer Osman Mir ) का मानना है कि जो म्यूजिक आपकी रूह में उतर जाए, वह अच्छा म्यूजिक है। वह म्यूजिक जो खुद के अलावा दूसरों को भी आनंदित करे वह म्यूजिक बेहतर है। उन्होंने सोमवार को जोधपुर में ( jodhpur news.current news ) पत्रिका से मुलाकात ( interview ) में यह बात कही। उन्होंने कहा कि जो गाना रूहदारी वाला होता है, जो गाना रूह को छूता है, वह सभी को पसंद आता है। वही पूरी दुनिया में छाता है। ध्यान रहे कि ओसमान मीर ने इस्माईल दातार से तालीम ली है। उनसे सुरों के साथ अल्फाज की अदायगी सीखी है। वे उस्ताद हुसैन अल्लाह रक्खा मीर के बेटे हैं। उन्होंने तबलावादन से शुरुआत की और हर तरह के गाने वालों के साथ 17 साल तक संगत की। मोरारी बापू ने उन्हें पहली बार गवाया था।
राजस्थान से पूर्व का नाता
तेरी खुशबू एलबम फेम गायक मीर ने कहा कि राजस्थान की जमीन में एक तरह की कशिश है और यह मुझे अपनी ओर खींचती है। राजस्थान से मेरा पूर्व का नाता हो सकता है। मैं अपने करीब करीब हर कन्सर्ट में केसरिया बालम अलग-अलग तरीके से गाता जरूर हूं। मेरे हर शो में लोग घूमर गाने की फरमाइश करते हैं। राजस्थानी म्यूजिक रूह तक जाता है और आज पूरी दुनिया उसकी दीवानी है। उन्होंने कहा कि आजकल खुद के कम्पोजिशन कर रहा हूं। मेरे खुद के २०० कम्पोजिशन हैं। अभी सलीम सुलेमान के साथ भूमि-जीरो टु एलबम कर रहा हूं। वहीं म्यूजिक डायरेक्टर अमित त्रिवेदी के साथ गाने की डबिंग की है।
ओसमान मीर : एक नजर
यमला पगला दीवाना, बेजुबान इश्क, द लास्ट डॉन, रामलीला और यह कैसा तिगड़म इत्यादि चर्चित फिल्मों में ओसमान मीर के गाये नगमे रसिक श्रोताओं को बहुत पसंद आए । मीर का सुल्तान खान, अनुराधा पौडवाल, दलेर मेहदी, रूपकु मार राठौड़, श्रेया घोषाल, अलका याज्ञनिक, भूमि त्रिवेदी, सुलेमान इस्माईल दरबार व अमित त्रिवेदी आदि मशहूर गायकों के साथ गायन खूब पसंद किया जा रहा है। वे यूके, आस्ट्रेलिया, यूएस व कनाडा आदि देशों में कार्यक्रम पेश कर चुके हैं। उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा चुका है।