
जोधपुर.
मण्डोर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) छात्र की संदिग्ध हालात में मृत्यु के मामले की नए सिरे से जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुलिस मुख्यालय ने स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) गठित की है। अब आइपीएस अधिकारी व पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह यादव की अगुवाई में पूरे मामले की नए सिरे से जांच की जाएगी।
आइआइटी, रेलवे, एफएसएल व निफ्ड के विशेषज्ञ भी शामिल
पुलिस मुख्यालय की ओर से गठित एसआइटी में पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह यादव प्रभारी होंगे। एडीसीपी निर्मला बिश्नोई व पुलिस निरीक्षक लेखराज सियाग को भी टीम में शामिल किया गया। घटनास्थल व शव मिलने की परिस्थितियों की नए सिर से जांच के लिए आइआइटी के प्रोफेसर, रेलवे, एम्स के चिकित्सक, जयपुर एफएसएल के तकनीकी विशेषज्ञ, रेलवे के इंजीनियर और मृतक के कपड़े फटे होने की जांच के लिए निफ्ड के विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।
सीआइडी सीबी ने अदम पता में लगाई थी एफआर
१४ अगस्त २०१७ को एनएलयू छात्र विक्रांत नागाइच का शव मण्डोर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध हालात में मिला था। मृतक के पिता ने मण्डोर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। मृतक विक्रांत विवि के साथी छात्रों के साथ १३ अगस्त की रात रेस्टोरेंट गए थे। बिल का ऑनलाइन भुगतान किया गया था। सारे मित्र हॉस्टल लौट आए थे। जबकि विक्रांत ने मित्रों से कहा था कि वो कुछ देर रेलवे ट्रैक के पास बैठेगा और फिर छात्रावास आएगा, लेकिन दूसरे दिन उसका शव मिला था। पिता ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन कर सीबीआइ जांच की मांग की थी। सीआइडी सीबी ने जांच के बाद गत माह अदम पता में एफआर लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले की नए सिरे से जांच के आदेश दिए थे।