जोधपुर

युवाओं में स्मैक की लत, परिजनों की बनी आफत!

स्मैक की अवैध बिक्री होने से अनेकों युवा इसकी गिरफ्त में आने लगे हैं। इससे कई घर परिवार उजड़ने के कगार पर आ चुके हैं तो कहीं परिवार उजड़ चुके हैं।
2 min read
Feb 02, 2021
Atal Tinkering Lab in Bilara
युवाओं में स्मैक की लत, परिजनों की बनी आफत!

पीपाड़सिटी (जोधपुर). पंचायत समिति क्षेत्र का कोसाना गांव गत कई दिनों से स्मैक का अड्डा बनता जा रहा है। गांव में खुलेआम छोटी छोटी दुकानों पर किराना के सामान की तरह स्मैक बिक्री होने की सूचना ने पुलिस की नींद भी उड़ा दी हैं।


स्मैक की अवैध बिक्री होने से अनेकों युवा इसकी गिरफ्त में आने लगे हैं। इससे कई घर परिवार उजड़ने के कगार पर आ चुके हैं तो कहीं परिवार उजड़ चुके हैं। स्मैक की खुलेआम बिक्री से तंग आकर कोसाना गांव की महिलाएं पूर्व सरपंच रघुवीरसिंह विश्नोई के नेतृत्व में पुलिस थाना पहुंची और प्रशिक्षु आरपीएस थानाधिकारी प्रियंका वैष्णव को ज्ञापन सौंपने के साथ आपबीती भी सुनाई।

महिलाओं ने बताया कि गांव में स्मैक की खुुलेआम अवैध बिक्री हो रही है। सार्वजनिक स्थानों पर बिना कोई रोक टोक के स्मैक का सेवन किया जा रहा है।


इसके अलावा स्मैक का नशा करने वाले नशेड़ी घर की औरतों के साथ मारपीट कर उनके गहने बेचकर स्मैक का सेवन कर रहे हैं, जिससे घर परिवार में छोटे बड़े बच्चों का पालन पोषण कर पाना पीड़ित महिलाओं का जीवन पर भारी पड़ने लगा है।


उन्हें पेट भरने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है।महिलाओं ने गांव में स्मैक के नेटवर्क के साथ स्मैकियो के खिलाफ कार्रवाई कर नाश मुक्ति केंद्र में भेजने के साथ स्मैक तशकरो की गिरफ्तारी की एक स्वर में मांग की।


स्कूल भवन भी शरण स्थली


कोसाणा गांव में स्मैक नशेड़ियों के लिए वीरान पड़े सरकारी भवनो के साथ बंद पड़े स्कूल भवन भी शरणस्थली बने हुए हैं, जहाँ पर नशेड़ियों की जाजम लगने के हर रोज सबूत मिल जाते हैं, पंचायत प्रशासन हो या अन्य विभाग के अधिकारियों की ओर से सरकारी सम्पति की सुरक्षा में लापरवाही बरती जा रही हैं।

वहीं किसी प्रकार की कार्रवाई करने पर नशेड़ियों की ओर से किसी समय हमला कर देने की आशंका भी इन लोगों को चुप रहने के लिए मजबूर करती हैं।ऐसे में नशेड़ी भी बेख़ौफ़ हो रहे हैं, आसपास के गाँवो के साथ देर रात्रि को राहगीरों के साथ लूट या मारपीट की बढ़ती घटनाएं स्मैकियों के आतंक की प्रमाण हैं।


तस्करों का टारगेट कोसाणा


उपखंड क्षेत्र का कोसाणा, खांगटा, तिलवासनी जैसे गांव नशे के सौदागरों की पहली पसंद रहे,इनमें तिलवासनी में ग्रामीणों ने अपने स्तर पर स्मैक के सेवन के साथ अवैध बिक्री को सामाजिक स्तर पर प्रतिबंधित कर दिया हैं।

खांगटा गांव आदर्श सांसद योजना में चयनित रहने के कारण पुलिस और प्रशासन की आवाजाही के चलते तस्कर अपने अवैध कारोबार के लिए खतरा समझ कर पीछे हट गए,ऐसे में कोसाणा गांव तस्करों के लिए चांदी बनाने से कम नही हैं, इसी का फायदा तस्कर उठा रहे।

कहने को पहले भी कई बड़ी कार्रवाई हुई हैं, लेकिन पुलिस स्मैक कारोबार के नेटवर्क को नष्ट करने में सफल नही हो पा रही हैं, कहा जाता हैं कि पुलिस के ख़ुफ़िया तंत्र से ज्यादा मजबूत तस्करों और नशेड़ियों का हैं।जिनको पुलिस थाना से टीम के निकलते ही हर चौराहा से सूचना के साथ पुलिस की करंट लोकेशन की जानकारी मिलती रहती हैं।यहाँ स्मैक के साथ डोडा-पोस्त,अफीम का कारोबार भी फलता फूलता रहता हैं।निसँ


इन्होंने कहा


स्मैकियों की समस्या गांव के लिए नासूर बनने लगी हैं, शीघ्रता से कड़ी कार्रवाई नही होने पर कोई बड़ी आपराधिक वारदात की आशंका से इनकार नही किया जा सकता।


रघुवीरसिंह, पूर्व सरपंच, कोसाणा।


कोसाणा की ग्रामीण महिलाओं की समस्या को देखते हुए पुलिस की ओर से रात्रि गश्त के साथ गुप्तचरों को सक्रिय कर नेटवर्क से जुड़े लोगों की धरपकड़ की कार्रवाई की जाएगी।


-बाबूलाल राणा, पुलिस थानाधिकारी, पीपाड़सिटी

Updated on:
02 Feb 2021 10:43 am
Published on:
02 Feb 2021 10:43 am