जोधपुर

लूणी के ‘स्मार्ट’ किसानों ने जैविक कृषि से बढ़ाई 30 फीसदी उपज, कृषि विवि ने डेढ़ वर्ष पहले लिया था गोद

जिले के लूणी गांव के किसानों के जीवन में कृषि विश्वविद्यालय खुशहाली लाया है। राज्य सरकार की अन्त्योदय योजना के तहत चयनित इस गांव को कृषि विवि ने करीब सवा साल पहले ‘स्मार्ट’ बनाने के लिए गोद लिया था। अब पूर्णत वर्षा आधारित खेती पर निर्भर इस गांव सवा साल में ही पैदावार में करीब 30 प्रतिशत तक वृद्धि हो गई है।
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smart farmers of luni have increased production of organic farming
लूणी के ‘स्मार्ट’ किसानों ने जैविक कृषि से बढ़ाई 30 फीसदी उपज, कृषि विवि ने डेढ़ वर्ष पहले लिया था गोद

अमित दवे/जोधपुर. जिले के लूणी गांव के किसानों के जीवन में कृषि विश्वविद्यालय खुशहाली लाया है। राज्य सरकार की अन्त्योदय योजना के तहत चयनित इस गांव को कृषि विवि ने करीब सवा साल पहले ‘स्मार्ट’ बनाने के लिए गोद लिया था। अब पूर्णत वर्षा आधारित खेती पर निर्भर इस गांव सवा साल में ही पैदावार में करीब 30 प्रतिशत तक वृद्धि हो गई है।

तीन वर्षीय कार्यक्रम के तहत किसानों को उन्नत तरीके से खेती की जानकारी देने के साथ वैज्ञानिकों की टीम ने वर्षा आधारित पारमपरिक फसलों की बजाए बाजरा, मूंग, तिल और अरण्डी की उन्नत किस्मों एमपीएमएच 17, जीएम 4, आरटी 351 व डीसीएच 519 के अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन किसानों को वितरित किए। इसके अलावा किसानों को मांग अनुसार करीब 500 से अधिक पौधें उनके खेत पर लगाने के लिए दिए गए। प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना के अंतर्गत 20-20 किसानों के 25 समूह बनाकर जैविक खेती की जानकारी देकर जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कई कार्यक्रम चलाए जाएंंगे
विवि की ओर से कृषि, स्वास्थ्य, स्वच्छता अभियान, कौशल विकास, जल संरक्षण, पशु स्वास्थ्य सहित कई कार्यक्रम चलाए जाएंगे। कृषक प्रशिक्षण, कृषक-वैज्ञानिक संवाद, उन्नत बीज वितरण, समन्वित कीट प्रबंधन, कृषि में तकनीकी का उपयोग सहित अनेक कृषि योजनाओं की जानकारी। पौधारोपण, कौशल विकास, कंम्प्यूटर साक्षरता, नशामुक्ति निवारण शिविर, पशु स्वास्थ्य शिविर आदि कार्यक्रमों से ग्रामीणों को लाभान्वित करने की योजना है।

इनका कहना है
लूणी गांव का बैंच मार्क सर्वे व विकास कार्यो की रूपरेखा तैयार कर काम किया जा रहा है। उन्नत तरीकों से किसानों को करीब 30 प्रतिशत अधिक उपज मिली। इस बार वर्षा में देरी की वजह से उन्नत किस्मों के प्रदर्शन पर असर पड़ा। इसके अलावा कई कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं।
डॉ. महेन्द्रकुमार, नोडल अधिकारी

Published on:
06 Nov 2019 11:17 am