
जोधपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने सात साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी मादक पदार्थ तस्कर रमेश बंजारा को मध्यप्रदेश के नीमच जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से कंबल बेचने की आड़ में डोडा-चूरा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा था। एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि आरोपी रमेश बंजारा पर फलोदी पुलिस अधीक्षक की ओर से वर्ष 2019 से इनाम घोषित था।
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वह मोटरसाइकिल पर घूम-घूमकर कंबल बेचने का काम करता था और इसी बहाने विभिन्न राज्यों में तस्करी का नेटवर्क संचालित करता था। उसकी गिरफ्तारी के साथ एएनटीएफ ने अब तक फरार 66 इनामी अपराधियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और तमिलनाडु में एजेंट बना रखे थे। वह कंबल बेचने के बहाने नए लोगों से संपर्क करता और उन्हें लालच देकर तस्करी के नेटवर्क से जोड़ता था। इसके बाद एजेंटों के जरिए बड़े स्तर पर मादक पदार्थों की सप्लाई कराता था।
रमेश और उसके भाई की शक्ल काफी मिलती-जुलती है। इसका फायदा उठाकर वह हर बार अपना नाम बदलकर भाई का नाम बताता था। पुलिस जब भी उसके घर पहुंचती, वह भाई के दस्तावेज दिखाकर खुद को दूसरा व्यक्ति साबित कर देता। इसी वजह से एएनटीएफ की टीमें दो बार उसे पकड़ने से चूक गई थीं।
एएनटीएफ ने आरोपी के ससुराल और रिश्तेदारों पर निगरानी शुरू की। पता चला कि परिवार में मृत्यु होने के कारण रमेश पत्नी के साथ ससुराल आएगा। टीम ने अंतिम संस्कार के दौरान कार्रवाई नहीं की और वापसी के दौरान मध्यप्रदेश सीमा में उसकी घेराबंदी कर ली। गिरफ्तारी के समय भी आरोपी ने खुद को भाई बताया, जबकि उसकी पत्नी उसे जेठ बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करती रही, लेकिन पहले से जुटाई गई पुख्ता जानकारी के आधार पर एएनटीएफ ने उसकी पहचान कर उसे दबोच लिया।
इससे पहले केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) नीमच की टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर-आगरा हाईवे स्थित सिकंदरा टोल प्लाजा पर झारखंड नंबर की एक लग्जरी कार से भारी मात्रा में अवैध अफीम जब्त की है। बरामद अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 5 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। इस कार्रवाई में तस्कर के एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है।