जोधपुर

रात को बाहर सोने को मजबूर हुई खिलाड़ी बालिकाएं, जिम्मेदारों की अनदेखी पर बाल संरक्षण आयोग ने उठाया कदम

अपणायत’ के शहर में दूसरे शहर की छात्रा खिलाड़ी शुक्रवार की पूरी रात खुले मैदान में सोती रही, लेकिन शनिवार को जब जिम्मेदार अधिकारियों से इस बारे में पूछा तो जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नजर नहीं आया। बल्कि एक-दूसरे पर ही जिम्मेदारी डालते रहे।
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softball players were forced to sleep outside in jodhpur
रात को बाहर सोने को मजबूर हुई खिलाड़ी बालिकाएं, जिम्मेदारों की अनदेखी पर बाल संरक्षण आयोग ने उठाया कदम

अमित दवे/जोधपुर. ‘अपणायत’ के शहर में दूसरे शहर की छात्रा खिलाड़ी शुक्रवार की पूरी रात खुले मैदान में सोती रही, लेकिन शनिवार को जब जिम्मेदार अधिकारियों से इस बारे में पूछा तो जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नजर नहीं आया। बल्कि एक-दूसरे पर ही जिम्मेदारी डालते रहे। इधर ‘पत्रिका’ में इस संबंध में खबर प्रकाशित होने के बाद बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने मौका देखा और कमियों को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत पहुंचाने की बात कही है।

यह है मामला

शिक्षा विभाग की ओर से 64वीं राज्य स्तरीय सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता में प्रदेश भर से खेलने आई छात्राओं जोधपुर आई हैं। विभाग की ओर से 13 से 18 सितम्बर तक गौशाला मैदान में राज्य स्तरीय अंडर 14 आयु वर्ष छात्रा वर्ग सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता चल रही है। जिसकी आयोजक स्कूल राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मेघवाल बस्ती है। शुक्रवार को ठहराने की उचित व्यवस्था नहीं होने से कई खिलाडिय़ों को खुले में पूरी रात काटनी पड़ी।

टीमें ज्यादा, आयोजक इंतजाम नहीं कर पाए

विभाग की राज्य स्तरीय सॉफ्टबॉल की तीनों अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्गों की प्रतियोगिताएं जोधपुर में हो रही हैं। जोधपुर में प्रदेश की करीब 100 टीमें आई हुई हैं। गौशाला मैदान के हॉस्टल में कमरों के अनुसार टीमों को ठहरा दिया गया। अन्य टीमों के लिए नजदीकी सरकारी स्कूलों में व्यवस्था की गई। तीनों वर्गो की टीमें ज्यादा होने के कारण आयोजक टीमों को ठहराने का सही इंतजाम कर नहीं पाए।

बिना जानकारी रूकवाया टीमों को

गौशाला मैदान के हॉस्टल में सॉफ्टबॉल की ही अंडर 17 व 19 की टीमों को ठहराया गया था। इसके अलावा अन्य स्कूलों में भी टीमों को ठहराने की व्यवस्था थी। जिम्नास्टिक हॉल में अंडर 14 चित्तौडगढ़ व हनुमानगढ़ की टीमों का ठहराया गया था। जहां पर्याप्त जगह नहीं होने, ज्यादा छात्राएं होने व घुटन के कारण छात्राएं बाहर बास्केटबॉल कोर्ट पर आकर सो गई।

अव्यवस्थाएं है, सरकार तक पहुंचाउंगी

छात्राओं के लिए ठहरने की उचित व्यवस्था नहीं होना गंभीर बात है। मैंने गौशाला मैदान देखा है, यहां अव्यवस्थाएं नजर आई, विभागीय अधिकारियों में आपसी तालमेल की कमी दिखी। विभाग की लापरवाही व अव्यवस्थाओं को सरकार तक पहुंचाउंगी।
- संगीता बेनीवाल, अध्यक्ष, बाल संरक्षण आयोग

आयोजन बड़ा है

आयोजन बड़ा है, हमारी ओर से टीमों को ठहराने की व्यवस्था की गई। टीमें देरी से आई और कहा कि रात को रूककर सुबह अपने निर्धारित ठहराव स्थल पर चले जाएंगे। इसलिए टीमों को गौशाला मैदान में ठहराया।
- उमाशंकर दाधीच, आयोजन प्रभारी व प्रधानाध्यापक, राउप्रावि मेघवाल बस्ती

बिना जानकारी ठहराया
प्रतियोगिता संयोजक ने मेरी जानकारी के अभाव में जिम्नास्टिक हॉल में छात्राओं को अवैध तरीके से ठहराया। अगर हमारी जानकारी में यह बात आती तो हम छात्राओं के ठहरने के लिए अन्य किसी स्कूल में व्यवस्था करते। यह तो गौशाला की व्यवस्थाओं को नीचा दिखाने के लिए किया गया था।
- प्रहलादराम जोया, उप जिला शिक्षाधिकारी, शारीरिक शिक्षा

Published on:
15 Sept 2019 12:17 pm