
जोधपुर. डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज संबद्ध जोधपुर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल मथुरादास माथुर अस्पताल में रेमडेसीवीर इंजेक्शन १५० से ज्यादा वार्डों से विभिन्न मरीजों के नाम उठ गए, ये इंजेक्शन मरीजों तक पहुंचे तक नहीं। इन्हें महंगे दामों में बेच दिया गया। यह अस्पताल प्रशासन जांच कमेटी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। इस कमेटी ने कई नर्सिंग कर्मचारियों पर संदेह जताया है। वहीं मेडिसिन विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. अरविंद जैन, डॉ. राजेन्द्र जोधा, डॉ. धर्मेन्द्र गुजर व जनाना विंग नर्सिंग अधीक्षक डॉ. कलावती माथुर की जांच रिपोर्ट में कुछ नर्सिंगकर्मियों पर संदेह जताया गया है। डॉ. जैन ने रिपोर्ट में कहा कि इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेन्द्र आसेरी पूरे प्रकरण को जयपुर भेजेंगे। उम्मीद हैं कि राज्य सरकार की टीम आकर पूरे प्रकरण की जांच करेगी। जांच के बाद अन्य स्टाफ पर भी गाज गिरने की संभावना है। ये गड़बडि़यां उन दिनों हुई हैं, जब जोधपुर में परिजन अपने मरीजों की जान बचाने के लिए दर-दर भटक रेमडेसीवीर इंजेक्शन का इंतजाम कर रहे थे। हालांकि बीच में अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन स्वयं रेमडेसीवीर इंजेक्शन लेने जाते थे और खाली वाइल नर्सिंग स्टाफ को जमा करवाते थे। ये घटना उससे पहले की बताई जा रही है, जब मौजूद कुछ नर्सिंग कर्मचारियों ने फर्जी तरीके से रेमडेसीवीर इंजेक्शन इश्यू करवा लिए और जरूरतमंद मरीजों को इंजेक्शन तक नहीं लगाए। जांच करने वाली कमेटी अभी फिलहाल जांच के बाद किसी नर्सिंगकर्मी को पुख्ता तौर पर दोषी करार नहीं दे पाई। हालांकि संदेह के दायरे में कई नाम सामने आए हैं।
एमडीएम अस्पताल: नर्सिंगकर्मी से लैंगिक उत्पीडऩ का मामला, नर्सेंज को हटा जयपुर भेजा
जोधपुर. एमडीएम अस्पताल में कभी रेजिडेंट डॉक्टर अपनी जूनियर एमबीबीएस छात्रा के साथ छेड़छाड़ के आरोप लग रहे तो कभी नर्सिंग स्टाफ अपने सहयोगियों से छेड़छाड़ के। वहीं अब एमडीएम अस्पताल में एक और मामला लैंगिक उत्पीडऩ का सामने आया है। एक नर्स प्रदीप ने अपनी सहयोगी नर्स के साथ छेड़खानी कर दी। इस घटना की शिकायत के बाद जांच करवा अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेन्द्र आसेरी ने नर्स प्रदीप को हटाकर सक्षम कार्रवाई के लिए जयपुर मुख्यालय कार्यमुक्त कर दिया। अस्पताल प्रशासन की जांच में दोषी नर्स पर एक डॉक्टर ने भी झगड़े का आरोप लगाया था।