
अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज संबंद्ध महात्मा गांधी अस्पताल में आने वाले समय स्पोट्र्स इंजरी सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। वहीं ऑर्थोपेडिक विभाग में सूक्ष्म चीरे से (मिनीमल इन्वेजिव स्पाइन सर्जरी) भी हो रही है। जिसमें मरीजों को अगले दिन ही चलाया जा सकता है। इसमें मरीज को इंफेक्शन का खतरा भी कम हो जाता है।
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. एसएस राठौड़ व ऑर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण वैश्य ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि सर्वाइकल स्पाइन के ऑपरेशन भी एडवांस तकनीक से अस्पताल में हो रहे हैं। गत एक साल में रीढ़ की हड्डी के 250 ऑपरेशन किए जा चुके हैं। विभाग ने 4 साल में 1015 जोड़ प्रत्यारोपण किए जा रहे हैं। रिवाइज ट्रांसप्लांट की सुविधा भी विभाग में है। दस साल बाद ट्रांसप्लांट में संक्रमण होने व चोटिल होने के बाद रिवाइज ट्रांसप्लांट की सुविधा दी जाती है। एमजीएच अधीक्षक डॉ. महेश भाटी व ऑर्थोपेडिक के पूर्व एचओडी व सीनियर प्रोफेसर डॉ. किशोर राय चंदानी ने बताया कि स्पोट्र्स इंजरी में मरीजों की दूरबीन से सर्जरी हो रही है।
साथ ही घुटने की लिगामेंट सर्जरी, कंधे की लिगामेंट सर्जरी, घुटने के वाशर समेत ऐसी सर्जरी गत चार वर्षों में 11 सौ हो चुकी हैं। विभाग भविष्य में रोबोटिक व नेविगेशन तकनीक से भी प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। इसके अलावा एमजीएच में एक ओटी , दो एमडीएम अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर दानदाताओं के सहयोग से बन रहे हैं। एक ट्रांसप्लांट ऑपरेशन थियएटर सरकार की ओर से तैयार किया जा रहा है।
ट्रोमा अस्पताल होगा मार्च तक तैयार
एमडीएम अस्पताल के न्यू ओपीडी बिल्डिंग के पास प्रदेश का पहला ट्रोमा अस्पताल मार्च तक तैयार हो जाएगा। एमडीएमएच अधीक्षक डॉ. महेन्द्र कुमार आसेरी ने बताया कि यहां 100 बैड होंगे। 24 बैड आइसीयू के होंगे। फस्र्ट फ्लोर पर चार आधुनिक ऑपरेशन थिएटर 24 घंटे चलेंगे। एमओटी भी बनेगा। जहां कार्डियक थोरेसिक, ऑर्थो, जनरल सर्जरी व प्लास्टिक सर्जरी समेत कई तरह के ऑपरेशन होंगे। डॉ. आसेरी ने कहा कि निर्माणकर्ता कंपनी का दावा है कि मार्च तक ट्रोमा अस्पताल शुरू हो जाएगा।